न्यूयॉर्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क स्थित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सरकार से भागवत का वीजा रद्द करने और RSS के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर हुए इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) ने कई धार्मिक और नागरिक अधिकार संगठनों के साथ मिलकर किया। प्रदर्शनकारियों ने RSS और उसके नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि संगठन की विचारधारा धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा को बढ़ावा देती है।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब अमेरिकी आयोग अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (USCIRF) ने कुछ दिन पहले मोहन भागवत का अमेरिकी वीजा रद्द करने और RSS के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। USCIRF ने अपनी चिंताओं में ईसाइयों, दलितों, मुसलमानों और सिखों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख किया था।
प्रदर्शन में न्यूयॉर्क सिटी के पूर्व नियंत्रक और कांग्रेस उम्मीदवार ब्रैड लैंडर भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी RSS को ‘ना’ कहने के लिए यहां एकत्र हुए हैं और मैडिसन स्क्वायर गार्डन द्वारा इस कार्यक्रम की मेजबानी किए जाने पर नाराजगी जताई। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल की सदस्य जूली वॉन ने भी कार्यक्रम की आलोचना करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क शहर नफरत पर आधारित विचारधाराओं को स्वीकार नहीं करता।
IAMC की बोर्ड सदस्य सफा अहमद ने प्रदर्शन के दौरान RSS नेतृत्व की आलोचना की। वहीं, Hindus for Human Rights के अनुरााग खंडेलवाल ने कहा कि यह प्रदर्शन RSS की विचारधारा को धार्मिक या सांस्कृतिक एकता के रूप में पेश किए जाने के प्रयासों का विरोध है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम के खिलाफ अमेरिका में 65 नागरिक अधिकार और अंतरधार्मिक संगठनों ने पहले ही आपत्ति जताई थी। IAMC का दावा है कि 1,000 से अधिक लोगों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर भागवत को अमेरिका में प्रवेश से रोकने की मांग की। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी समेत कई स्थानीय नेताओं ने भी कार्यक्रम का विरोध किया था।
RSS की स्थापना 1925 में हुई थी और इसे भारत के हिंदुत्ववादी आंदोलन की वैचारिक मूल संस्था के रूप में देखा जाता है। संगठन की हिंदुत्व विचारधारा को लेकर लंबे समय से मानवाधिकार संगठनों और कुछ शिक्षाविदों की आलोचना होती रही है। हालांकि, RSS और उसके समर्थक इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
IAMC ने कहा है कि वह अमेरिकी विदेश विभाग पर भागवत का वीजा रद्द करने और USCIRF द्वारा सुझाए गए RSS के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लागू करने के लिए दबाव जारी रखेगा। संगठन के मुताबिक, न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थल के बाहर हुआ यह प्रदर्शन यह संदेश देने के लिए था कि RSS की राजनीति को अमेरिका में भी संगठित विरोध का सामना करना पड़ेगा।

