लक्ष्मणगढ़: 20 में से 10 मुस्लिम जीतने के बावजूद कांग्रेस ने संजीव कुमार को बनाया अध्यक्ष पद का उम्मीदवार, नसीम बानो ने निर्दलीय भरा पर्चा
लक्ष्मणगढ़ (सीकर)। राजस्थान के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में नगरपालिका अध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। 45 वार्ड वाली लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका के चुनाव परिणाम में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि भाजपा ने 15 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। किसी भी दल को अपने दम पर अध्यक्ष बनाने के लिए जरूरी 23 पार्षदों का बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में अध्यक्ष पद का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
चुनाव परिणामों में मुस्लिम नाम वाले कई पार्षदों ने जीत दर्ज की है। वार्डवार उपलब्ध परिणामों में सहीदन बानो, शाकिर अहमद, नबील अहमद, असलम अली, मोहम्मद समीर, मोहम्मद फैयाज खत्री, मोहम्मद हारून कुरैशी, अजीजा बानो, मो. साबिर और नजमा बानो कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुए हैं। इसके अलावा शहजादी बानो, तबस्सुम और नसीम बानो निर्दलीय के रूप में जीती हैं।
इसके बावजूद कांग्रेस ने नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए वार्ड नंबर 25 से निर्वाचित संजीव कुमार भानूका को अपना उम्मीदवार बनाया है। संजीव कुमार कांग्रेस के टिकट पर 510 वोट हासिल कर 280 मतों के अंतर से वार्ड 25 से जीते थे। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड में वार्ड 25 को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित बताया गया है।
कांग्रेस के इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय दावों में आरोप लगाया जा रहा है कि मुस्लिम पार्षदों की अच्छी संख्या होने के बावजूद अध्यक्ष पद के लिए मुस्लिम चेहरे को मौका नहीं दिया गया। कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सामाजिक प्रतिनिधित्व की बजाय अपने प्रभावशाली राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता दी। हालांकि, गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा मुस्लिम समुदाय के हक को जानबूझकर कम करने या किसी विशेष जाति को बढ़ावा देने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है।
इस विवाद को उस समय और बल मिला जब वार्ड नंबर 14 से निर्वाचित निर्दलीय पार्षद नसीम बानो ने नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया। नसीम बानो ने वार्ड 14 से 363 वोट हासिल कर 162 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के संजीव भानूका और निर्दलीय नसीम बानो के अलावा भाजपा के दीपक जाजोदिया भी मैदान में हैं।
अध्यक्ष पद के चुनाव में 23 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस के पास 20 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 15 और निर्दलीय 10 पार्षद हैं। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। नसीम बानो का निर्दलीय मैदान में उतरना कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि अध्यक्ष चुनाव में हर एक पार्षद का वोट महत्वपूर्ण होगा।
लक्ष्मणगढ़ के राजनीतिक घटनाक्रम में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस के 20 पार्षदों के बीच अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को लेकर कितनी एकजुटता रहती है और निर्दलीय पार्षद किसके पक्ष में जाते हैं। वहीं मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर उठे सवालों के बीच यह भी देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस नाराजगी को किस तरह संभालता है। अध्यक्ष पद का मतदान 21 सितंबर को प्रस्तावित है।

