प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करने वाले भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक और डॉक्टर डॉ. संग्राम पाटिल को शनिवार को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब 15 घंटे तक हिरासत में रखा गया।
डॉ. पाटिल अपनी पत्नी के साथ लंदन से मुंबई पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर उतरते ही उन्हें लुकआउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर रोक लिया गया। अधिकारियों ने उन्हें कई घंटों तक पूछताछ के लिए हिरासत में रखा।
सूत्रों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भाजपा के एक सदस्य द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डॉ. पाटिल ने सोशल मीडिया पर भाजपा और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक और भ्रामक पोस्ट की थीं, जो समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाने का कारण बन सकती हैं।
खबरों के मुताबिक, साइबर अपराध विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत डॉ. पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसके बाद उनके नाम पर लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया।
करीब 15 घंटे बाद, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत नोटिस जारी कर डॉ. पाटिल को जाने की अनुमति दी। नोटिस में उन्हें भविष्य में जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. संग्राम पाटिल एक जाने-माने कंटेंट क्रिएटर भी हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर चार लाख से अधिक सब्सक्राइबर और करीब 5.6 करोड़ व्यूज़ हैं, जबकि फेसबुक पर उनके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनके वीडियो और पोस्ट में राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी शामिल रहती है, जिनमें मोदी सरकार की आलोचना भी होती है।
इस घटना की विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है। एनसीपी (शरद पवार गुट) ने इसे “राज्य की प्रतिष्ठा का अपमान” बताया है। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सवाल उठाते हुए कहा,
“क्या भारत में लोकतंत्र अभी भी जीवित है?”

