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हिजाब विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

बोर्ड ने कहा, हाईकोर्ट ने हिजाब विवाद पर फैसला सुनाते हुए संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19, 21 और 26 को नजरअंदाज किया है

मुसलामानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड (AIMPLB) ने रविवार को नदवा कालेज एक बैठक का आयोजन किया. बैठक की अध्यक्षता मौलाना सैयद मोहम्मद राबे हसनी नदवी ने की।

बोर्ड की बैठक में हिजाब विवाद को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. जिसमें बोर्ड के पदाधिकारियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाने का फ़ैसला किया हैं।

बोर्ड के अनुसार, संविधान ने देश के सभी नागरिकों को अपनी पसंद का कपड़ा पहनने की स्वतंत्रता दी है. कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा हिजाब पर दिया गया फ़ैसला संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19, 21 और 26 को नजरअंदाज करता है।

सुप्रीम कोर्ट में कानून के जानकार और धार्मिक मामलों के जानकार बताएंगे कि इस्लाम का हिस्सा क्या है और क्या नहीं है? सुप्रीम कोर्ट से हमें राहत मिलने की उम्मीद हैं।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मध्य प्रदेश के स्कूलों में गीता पढ़ाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि, सरकारी स्कूल संविधान के तहत संचालित होते हैं. एक धर्मनिरपेक्ष देश के स्कूलों में किसी धर्म विशेष की किताबों को पढ़ाना अनिवार्य नहीं करना चाहिए. इससे देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को नुकसान पहुंचेगा।

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