भारत

गोली लगने के बावजूद भी आतंकियों को ढेर करने वाले कांस्टेबल “ज़ाकिर हुसैन” को राष्ट्रपति ने दिया शौर्य चक्र

ज़ाकिर हुसैन ने 2018 में एक मकान के पीछे छिपे तीन आतंकवादियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी

देश में जब भी बहदूरी दिखाने या देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने की बात होती हैं तो सबसे पहले मुसलमानों का नाम सुनाई देता हैं।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ के कांस्टेबल ज़ाकिर हुसैन को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

ज़ाकिर हुसैन ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थीं।

जाकिर हुसैन सीआरपीएफ की उस टीम का हिस्सा थे जिसने सितंबर 2018 में एक मकान के पीछे छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया था. इस मिशन में ज़ाकिर हुसैन को गोली भी लग गई थीं उसके बावजूद वह डटे रहें थे।

राष्ट्रपति भवन के अनुसार “राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सीआरपीएफ के कांस्टेबल ज़ाकिर हुसैन को शौर्य चक्र प्रदान किया. एक सच्चे सैनिक और युद्ध-साथी की तरह, उसने अपने सेनापति के साथ अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ाई लड़ी. उन्होंने बल की सर्वोच्च परंपरा को ध्यान में रखते हुए अनुकरणीय वीरता का परिचय दिया।”

सोशल एक्टिविस्ट अशरफ़ हुसैन के अनुसार “ये कॉन्स्टेबल ज़ाकिर हुसैन हैं. गोली लगने के बावजूद भी ज़ाकिर हुसैन ने आतंकियों को ढेर करने से पहले मैदान नहीं छोड़ा था। इस लिए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।”

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