बिहार के मधुबनी जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सुपौल जिले के रहने वाले एक मजदूर मोहम्मद मुर्शीद को कथित तौर पर “बांग्लादेशी” बताकर भीड़ ने बेरहमी से पीटा और उसकी मॉब लिंचिंग की कोशिश की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहम्मद मुर्शीद मजदूरी के सिलसिले में मधुबनी आए हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनकी पहचान पर सवाल उठाते हुए बुरी तरह मारपीट की। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना को लेकर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने बयान जारी करते हुए कहा कि, “किसी भारतीय नागरिक को बिना जांच-पड़ताल के बांग्लादेशी बताकर पीटना न सिर्फ कानून व्यवस्था की विफलता है, बल्कि यह मानवता पर भी सीधा हमला है। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”
आदिल हसन ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित को न्याय दिलाया जाए और इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावरों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। वहीं, पीड़ित के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
बढ़ती मॉब हिंसा पर चिंता
यह मामला एक बार फिर देश में बढ़ रही मॉब लिंचिंग और पहचान के नाम पर हो रही हिंसा की गंभीरता को उजागर करता है। सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

