एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) और इंडियन मुस्लिम फॉर सिविल राइट्स (IMCR) ने अपने शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में बार-बार की जा रही बाधाओं की कड़ी निंदा की है। दोनों संगठनों ने आरोप लगाया है कि दक्षिणपंथी कट्टर तत्वों और कुछ कथित फर्जी समाचार चैनलों द्वारा उनके कार्यक्रमों को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है।
प्रेस बयान के अनुसार, ताज़ा घटना संवैधानिक क्लब ऑफ इंडिया में हुई, जो एक उच्च सुरक्षा वाला संवैधानिक स्थल है। यहां एक वैध और शांतिपूर्ण कार्यक्रम को गलत सूचना फैलाकर और डराने-धमकाने की रणनीति के ज़रिए बाधित किया गया।

APCR और IMCR ने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि नागरिक अधिकारों से जुड़े संगठनों की आवाज़ को दबाने का एक लगातार चल रहा पैटर्न है। संगठनों का कहना है कि इस तरह की हरकतें न केवल प्रेस की नैतिकता का उल्लंघन हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी खतरा हैं।
दोनों संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे संविधान में निहित मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा हो सके।

