केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 6 तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।
फैक्ट चेक में सामने आया है कि इन तस्वीरों में से पहली और पांचवीं तस्वीरें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेट की गई हैं, जिन्हें असली बताकर साझा किया गया।
अन्य तस्वीरों की सच्चाई भी ऑल्ट न्यूज के फैक्ट चेक में स्पष्ट की गई है. दूसरी तस्वीर में जवाहरलाल नेहरू अपनी बहन विजयलक्ष्मी पंडित के साथ हैं। यह तस्वीर वर्ष 1949 की है, जब विजयलक्ष्मी पंडित ने अमेरिका में अपने भाई का स्वागत किया था।
तीसरी तस्वीर भी विजयलक्ष्मी पंडित की है, जब वह रूस (सोवियत संघ) में भारत की राजदूत थीं और चौथी तस्वीर में नेहरू को उनकी भांजी नयनतारा सहगल लंदन एयरपोर्ट पर वर्ष 1955 में किस करती नजर आ रही हैं।
उस समय विजयलक्ष्मी पंडित ब्रिटेन में भारत की हाई कमिश्नर थीं और वह भी तस्वीर में मौजूद हैं। छठी तस्वीर में प्रधानमंत्री नेहरू भारत में पहली BOAC उड़ान के दौरान ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर की पत्नी मिसेज़ साइमन के साथ नजर आ रहे हैं।
ऑल्ट न्यूज के मुताबिक, आरोप है कि बीजेपी समर्थित कुछ न्यूज़ एजेंसियां और सोशल मीडिया हैंडल इस भ्रामक जानकारी को बिना सत्यापन के आगे बढ़ा रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, प्रो-बीजेपी न्यूज़ एजेंसी ANI ने भी इस पर कोई सुधार या फैक्ट चेक जारी नहीं किया।
पत्रकार स्मिता प्रकाश पर भी मंत्री के दावों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।
गौरतलब है कि इसी तरह की गलत जानकारी वर्ष 2017 में भी बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय द्वारा साझा की गई थी, जिसका उस समय भी फैक्ट चेक किया गया था।
ऑल्ट न्यूज के को फाउंडर मोहम्मद ज़ुबैर का कहना है कि, यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचना (Misinformation) और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा बिना सत्यापन के सामग्री साझा करने की गंभीर समस्या को उजागर करता है।

