असम के दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां Border Security Force (BSF) के जवानों द्वारा कथित फायरिंग में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना 8–9 मार्च 2026 की दरम्यानी रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कनईमारा गांव के रहने वाले राशिदुल इस्लाम और उनके छोटे भाई रेजाबुल शेख रमज़ान के लिए खाने का इंतजाम करने के उद्देश्य से नदी में मछली पकड़ने गए थे।
मकतूब मीडिया कि रिपोर्ट के मुताबिक़, परिवार का कहना है कि दोनों भाई अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में ही मौजूद थे, तभी BSF की ओर से बिना किसी चेतावनी के गोलीबारी की गई।
इस फायरिंग में राशिदुल इस्लाम को पेट में गंभीर गोली लगी, जबकि रेजाबुल शेख के सिर में गोली लगने से उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। दोनों को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से गुवाहाटी के Gate Hospital में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मानवाधिकार संगठन Banglar Manabadhikar Suraksha Mancha (MASUM) ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि गोलीबारी के बाद BSF के जवान मौके से भाग गए और घायल नागरिकों को कोई चिकित्सा सहायता भी नहीं दी गई। साथ ही, पीड़ितों के पास से कोई अवैध सामान भी बरामद नहीं हुआ।
पीड़ित परिवार को न्याय पाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित की पत्नी रेजीना ने FIR दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस थानों के चक्कर लगाने के बावजूद अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया है।
बताया गया है कि पुलिस ने शिकायत तो ली, लेकिन कोई रसीद या डायरी नंबर नहीं दिया। इस मामले को लेकर MASUM के सचिव Kirity Roy ने National Human Rights Commission (NHRC) से शिकायत की है। उन्होंने इस घटना को मौलिक अधिकारों—विशेष रूप से अनुच्छेद 14, 19 और 21—का उल्लंघन बताया है।
मानवाधिकार संगठन ने मांग की है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी BSF कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, घायलों का पूरा इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान की जाए।

