उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान एक पुलिसकर्मी के मस्जिद में घुसने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों के मुताबिक, एक कांस्टेबल कथित तौर पर जूते पहनकर मस्जिद के अंदर गया और लाउडस्पीकर का तार काटने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों और नमाज़ियों का आरोप है कि पुलिसकर्मी नमाज़ के दौरान बिना अनुमति मस्जिद में दाखिल हुआ, जिसे उन्होंने धार्मिक स्थल का अपमान बताया।
लोगों ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी ने “शोर स्तर” को लेकर कार्रवाई करते हुए लाउडस्पीकर के तार से छेड़छाड़ की। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मी के बीच तीखी बहस भी हुई।
हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कांस्टेबल मस्जिद के अंदर जूते पहनकर नहीं गया और पूरी बातचीत मस्जिद के बाहर ही हुई थी।
पुलिस के अनुसार, संबंधित कांस्टेबल क्षेत्र में गश्त पर था और उसे लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित सीमा से अधिक लगी, जिसके बाद उसने नियमों के तहत जांच की। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रकार की अभद्रता या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना नहीं हुई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मस्जिद कमेटी के साथ बातचीत की। पुलिस का दावा है कि अब मामला सुलझा लिया गया है और क्षेत्र में शांति बहाल है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए ध्वनि स्तर की सीमा तय की गई है, जिसका पालन करना अनिवार्य है।
फिलहाल, इस मामले में आरोप और पुलिस के दावे आमने-सामने हैं, जिससे सच्चाई को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

