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बुल्ली बाई: मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने की दूसरी साज़िश, पत्रकार इश्मत आरा की फ़ोटो अमानवीय कैप्शन के साथ सार्वजनिक की

द वायर की पत्रकार इश्मत आरा समेत 40 से अधिक मुस्लिम महिलाओं की फ़ोटो डाली गई हैं इस ऐप के ज़रिए

हिंदुस्तान का कानून तो अंधा हैं ही उसके साथ-साथ यहां की पुलिस भी अंधी और कामचोर हो गई हैं. जिसके कारण एफआईआर दर्ज़ करने के बावजूद भी पुलिस अपराधियों को गिरफ़्तार नहीं करतीं हैं।

आपने सुल्ली डील्स का तो नाम सुना ही होगा. अगर नही सुना तो आपको बता दे कि यह एक ऐप थी जो गिटहब नामक प्लेटफॉर्म पर बनाई गया थीं. इस ऐप पर लगभग 70-80 मुस्लिम महिलाओं की डिटेल फोटो और रेट के साथ डाली गई थी तथा उनके सोशल मीडिया हैंडल का लिंक भी साझा किया गया था ताकि उनकी बोली लगाई जाएं।

इस ऐप को लेकर पूरे देश में हंगामा हुआ था तथा दिल्ली और उत्तर प्रदेश में एफआईआर भी दर्ज़ की गई थी. मगर अफसोस, एफआईआर दर्ज़ होने के बाद भी पुलिस अपराधियों को गिरफ़्तार नहीं कर पाई और न ही मामले की जांच को आगे बढ़ा पाई. जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद रहें तथा उन्होने सुल्ली डील्स का नया वर्जन बुल्ली बाई बना दिया।

बुल्ली बाई भी गिटहब पर ही बनाई गई हैं. इस ऐप पर द वायर की पत्रकार इश्मत आरा समेत 40 से अधिक मुस्लिम महिलाओं की फ़ोटो शेयर की गई हैं।

इस ऐप को जैसे ही आप खोलेंगे तो आप को बहुत सारी मुस्लिम महिलाओं की फ़ोटो दिखेगी. तथा पंजाबी भाषा में लिखा हुआ दिखेगा।

इस ऐप का नाम बुल्ली बाई रखने के पीछे मकसद साफ़ हैं कि यह सुल्ली डील्स का 2.0 वर्जन हैं. सुल्ली मुस्लिम महिलाओं के लिए इस्तेमाल किया जानें वाला अपमानजनक शब्द हैं. इसलिए इसका नाम इससे मिलता-जुलता रखा गया हैं।

द वायर की पत्रकार इश्मत आरा को इस ऐप की जानकारी उनके किसी मित्र ने दी तथा उसने उनके फ़ोटो का स्क्रीन शॉट भी भेजा. जिसे देखकर इश्मत काफ़ी परेशान हों गई।

उन्होंने ट्वीटर पर सुल्ली बाई का स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए लिखा कि “यह बहुत दुख की बात है कि एक मुस्लिम महिला के रूप में आपको अपने नए साल की शुरुआत इस डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है. #sullideals के इस नए संस्करण में निशाना बनाई जाने वाली मैं अकेली महिला नहीं हूं।”

दिल्ली पुलिस ने इश्मत आरा के इस ट्विट का जवाब देते हुए कहा कि “मामले का संज्ञान लिया गया है. संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

इश्मत आरा ने दिल्ली पुलिस के ट्वीट पर सवाल करते हुए पूछा “क्या संज्ञान का कोई लिखित दस्तावेज है जिसे लिया गया है?” जिसपर दिल्ली पुलिस का कोई जवाब नहीं आया।

इस मामले पर देश के जाने-माने पत्रकार, सोशल एक्टिविस्ट और राजनेताओं ने गुस्सा जाहिर करते हुए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से तीखे सवाल भी पूछे हैं।

राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि “मैंने बार-बार आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव जी से #sullideals जैसे प्लेटफॉर्म खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा था लेकिन लगातार इसकी अनदेखी की जा रही है. यह शर्म की बात हैं।”

राना सफ्वी ने भी इस ऐप पर अपना नाम होने की जानकारी दी हैं. उन्होंने कहा हैं कि “मुझे अभी तक मेरी फोटो नहीं मिली है लेकिन मेरा नाम बुल्ली डील्स की इस लिस्ट में है. यह शर्मनाक है लेकिन हमें यह भुगतना पड़ रहा है।”

हुसैन हैदरी नामक ट्वीटर यूजर ने भी इस ऐप का जिक्र करते हुए लिखा है कि “बुल्ली बाई में एक महिला की तस्वीर है जो विशेष रूप से परेशान करने वाली है. यह एक मुस्लिम लड़के की बूढ़ी माँ की है, जिसे घृणा अपराध का सामना करना पड़ा, और वह अभी भी अपने बेटे के न्याय के लिए लड़ रही है और आज तक उसका इंतजार कर रही है।”

आपको बता दें कि इश्मत आरा ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को इस मामले की शिकायत कर दी है तथा एफआईआर दर्ज़ कर अपराधियों के खिलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की हैं।

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