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उत्तर प्रदेश विधानसभा: महिला आरक्षण में ‘मुस्लिम महिलाओं’ के कोटे पर हंगामा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मुस्लिम महिलाओं समेत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए उप-कोटा की मांग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।

विपक्ष के नेता लाल बिहारी यादव ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अधिकार का मुद्दा है, न कि किसी तरह की “भीख”।

उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण में मुस्लिम महिलाओं सहित सभी वंचित वर्गों को उनका उचित हिस्सा दिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि पहले पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह लागू क्यों नहीं किया गया।

वहीं शिवपाल सिंह यादव और राजेंद्र चौधरी समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह परिसीमन प्रक्रिया को महिला सशक्तिकरण के नाम पर पेश कर रही है, जबकि इसमें वंचित वर्गों के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण का समर्थन करने का मौका गंवा दिया। सत्ताधारी दल के मंत्रियों ने धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग को खारिज करते हुए कहा कि संविधान इसकी अनुमति नहीं देता।

बहस के दौरान दोनों पक्षों के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के वेल तक पहुंच गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल करनी पड़ी।

यह विवाद आगामी चुनावों से पहले प्रदेश की राजनीति में गहरे मतभेदों को उजागर करता है। जहां सत्ता पक्ष महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर दे रहा है, वहीं विपक्ष का कहना है कि मुस्लिम महिलाओं समेत हाशिए पर पड़े वर्गों को शामिल किए बिना यह पहल अधूरी है।

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