Journo Mirror
India

हज 2026: हवाई किराया बढ़ने से तीर्थयात्रियों पर अतिरिक्त ₹10,000 का बोझ

हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज 2026 पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को बड़ा झटका दिया है। समिति ने हवाई किराए में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए प्रत्येक यात्री से अतिरिक्त ₹10,000 जमा करने को कहा है। यह निर्देश 28 अप्रैल को जारी आधिकारिक परिपत्र में दिया गया।

समिति के अनुसार, यह बढ़ोतरी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किराया संशोधन के बाद लागू की गई है। इसमें प्रति यात्री लगभग 100 डॉलर (करीब ₹10,000) अतिरिक्त शामिल हैं और यह देश के सभी प्रस्थान बिंदुओं पर लागू होगा।

अधिकारियों ने बताया कि मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते एयरलाइंस ने किराया बढ़ाने की मांग की थी।

शुरुआत में एयरलाइंस ने प्रति यात्री 400 डॉलर से अधिक बढ़ोतरी की मांग रखी थी, लेकिन बातचीत के बाद केवल आंशिक वृद्धि को मंजूरी दी गई, जिससे यात्रियों पर कुछ हद तक बोझ कम किया जा सका।

सभी चयनित तीर्थयात्रियों को 15 मई 2026 तक यह अतिरिक्त राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है। भुगतान हज पोर्टल, हज सुविधा ऐप या स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की नामित शाखाओं के माध्यम से किया जा सकता है। राज्य हज समितियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे तीर्थयात्रियों को समय पर सूचना दें और प्रक्रिया पूरी करवाएं।

इस वर्ष भारत से लगभग 1,75,000 से अधिक तीर्थयात्रियों के हज पर जाने की संभावना है। ऐसे में अतिरिक्त ₹10,000 शुल्क के कारण कुल वित्तीय बोझ करीब ₹175 करोड़ तक पहुंच सकता है। हज यात्रा की शुरुआत भी हो चुकी है और जम्मू-कश्मीर से पहला जत्था 18 अप्रैल को रवाना हो चुका है।

इस मामले पर राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि, हज यात्रियों से इस तरह यात्रा से बिल्कुल पहले ₹10,000 की जबरन वसूली करना सरासर नाइंसाफ़ी है। जब पूरा किराया पहले से तय था, तो आख़िरी वक़्त में यह इज़ाफ़ा क्यों किया गया? कम से कम हज कमेटी के ज़रिये पवित्र यात्रा पर हज करने जा रहे भारतीयों से इस तरह से वसूली ना की जाये।

Related posts

Leave a Comment