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दो साल बाद जेल से बाहर आए कांग्रेस नेता आलमगीर आलम, समर्थकों में जश्न का माहौल

झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता Alamgir Alam को करीब दो साल बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। टेंडर घोटाला मामले में लंबे समय से जेल में बंद आलमगीर आलम की रिहाई की खबर सामने आते ही साहिबगंज से लेकर रांची तक समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कांग्रेस कार्यालयों में मिठाइयां बांटी गईं और पटाखे फोड़े गए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आलमगीर आलम झारखंड में पार्टी के बड़े और लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। साहिबगंज जिला कांग्रेस अध्यक्ष बरकत खान ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव से पहले उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर राजनीतिक दबाव में जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि “सच्चाई परेशान हो सकती है, लेकिन हार नहीं सकती” और अदालत से मिली राहत न्याय की जीत है।

आलमगीर आलम की पत्नी और पाकुड़ विधायक Nishat Alam ने भी उनकी रिहाई पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि दो साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार परिवार को राहत मिली है। निशात आलम ने बताया कि आलमगीर आलम अपने पोते से बेहद लगाव रखते हैं और पूरा परिवार उनके घर लौटने का इंतजार कर रहा था। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे की राजनीतिक रणनीति पर फैसला आलमगीर आलम के बाहर आने के बाद लिया जाएगा।

देश में लंबे समय से विपक्षी दल केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों का कहना है कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।

आलमगीर आलम से पहले भी कई बड़े नेताओं को ईडी ने गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में अदालतों से राहत मिली. इनमें Arvind Kejriwal, Manish Sisodia, Sanjay Singh, Hemant Soren, Satyendar Jain, Nawab Malik और Anil Deshmukh जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।

इन मामलों को लेकर एक बार फिर देश में जांच एजेंसियों की भूमिका पर राजनीतिक बहस तेज हो गई

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