भारत में फ़िलिस्तीन के दूतावास ने भारत सरकार द्वारा फ़िलिस्तीनी जनता के लिए घोषित नई विकास सहायता का स्वागत किया है। दूतावास ने बुधवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि भारत की यह पहल फ़िलिस्तीन के लोगों के लिए स्वास्थ्य, पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
प्रेस बयान के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने घोषणा की है कि भारत फ़िलिस्तीन में तीन प्रमुख विकास परियोजनाएं स्थापित करेगा। इनमें एक विशेष अस्पताल, कृत्रिम अंग (Artificial Limb) फिटमेंट सेंटर और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान (Vocational Training Institute) शामिल हैं।
यह घोषणा ब्रुसेल्स में आयोजित फ़िलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में भारत की प्रतिबद्धताओं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (2028–2029) की गैर-स्थायी सदस्यता के लिए भारत के अभियान के दौरान की गई।
फ़िलिस्तीनी दूतावास ने कहा कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब गाज़ा गंभीर मानवीय संकट से गुजर रहा है। बयान में आरोप लगाया गया कि लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण अस्पतालों और चिकित्सा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुई हैं और बड़ी संख्या में घायल लोगों को पुनर्वास, कृत्रिम अंग और दीर्घकालिक चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।
दूतावास ने कहा कि भारत द्वारा स्थापित किए जाने वाले विशेष अस्पताल और कृत्रिम अंग केंद्र से घायल फ़िलिस्तीनियों के इलाज और पुनर्वास को मजबूती मिलेगी। वहीं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान युवाओं को कौशल प्रदान कर उनके भविष्य और पुनर्निर्माण में सहायक होगा।
अपने बयान में फ़िलिस्तीन ने भारत द्वारा दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution), फ़िलिस्तीन की संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता और फ़िलिस्तीनी जनता के साथ मानवीय एवं विकास साझेदारी के प्रति दोहराए गए समर्थन का भी स्वागत किया।
दूतावास ने भारत सरकार और भारतीय जनता के प्रति मित्रता, मानवीय सहयोग तथा शांति, न्याय और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया।

