देशभर में NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के बाद अब बिहार और असम सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर बड़ा फैसला लिया है। दोनों राज्यों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने की घोषणा की है।
बिहार सरकार ने सोमवार को ऐलान किया कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लिया जाएगा। इसके साथ ही आंदोलन के सिलसिले में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाएगा। सरकार के इस फैसले को छात्र आंदोलन के बाद उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वहीं असम सरकार ने भी घोषणा की है कि NEET आंदोलन के संबंध में गिरफ्तार किए गए सभी 13 प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा है कि आंदोलन से जुड़े सभी पांच एफआईआर वापस ली जाएंगी और इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक के विरोध में देशभर में छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए थे। कई राज्यों में पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज होने के बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने सरकारों से सभी मामलों को वापस लेने की मांग की थी।
बिहार और असम सरकार के इन फैसलों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य राज्यों में दर्ज मामलों को लेकर भी सरकारें पुनर्विचार कर सकती हैं। छात्र संगठनों ने इसे आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए सभी राज्यों में इसी तरह के फैसले की मांग दोहराई है।

