नई दिल्ली: अनुच्छेद 370 हटाए जाने और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के सात वर्ष पूरे होने पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को तत्काल पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने कई बार राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर अब भी ऐसी संवैधानिक व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है, जिसमें निर्वाचित सरकार के ऊपर उपराज्यपाल को व्यापक अधिकार प्राप्त हैं।
पार्टी का आरोप है कि यह व्यवस्था संविधान की संघीय भावना के अनुरूप नहीं है और इससे जनता को अन्य राज्यों की तरह पूर्ण लोकतांत्रिक शासन का अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
कांग्रेस ने मांग की है कि जम्मू-कश्मीर को बिना किसी शर्त के तत्काल पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को पूर्ण संवैधानिक अधिकार सौंपे जाएं, ताकि जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन चला सके।
पार्टी ने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और संघीय ढांचे का सम्मान करे। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए भूमि और सरकारी नौकरियों पर संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग पिछले सात वर्षों से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी ने केंद्र सरकार से अपने बार-बार किए गए वादे को पूरा करते हुए बिना किसी और देरी के जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की अपील की है।

