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इस्माइल लीनचिंग: क्या AIMIM विधायक की मेहनत प्रशासन के मुस्लिम विरोधी रवैये को बदल पाएगा?

बिहार के अररिया ज़िले के चकई में कुछ दिनों पहले इस्माइल नाम के एक 27 वर्षीय नौजवान की पीट पीटकर हत्या कर दी गयी थी। इस्माइल की बीवी मुसर्रत का कहना है कि इस्माइल दूध लेने गया था तभी यादव टोला के कुछ लोगों ने उसपर झूठा चोरी का इल्जाम लगाकर मार डाला।

उधर इस्माइल के पिता का कहना है कि ज़मीन के आपसी विवाद का मामला था जिसको लेकर एक नामज़द आरोपी सस्तानन्द यादव ने इस्माइल को जान से मारने की धमकी भी दी थी। गौरतल है कि सस्तानन्द यादव इस्माइल की हत्या के आरोप में पहले नंबर पर नामज़द हैं। सस्तानन्द यादव एक अन्य मॉब लीनचिंग मामले में नामज़द आरोपी हैं। उनपर झाड़फूंक करने वाले अयूब की भी पीट पीटकर हत्या करने का आरोप है।

इस्माइल के पिता ने द क्विंट से बातचीत में कहा कि “”FIR में मेरे बेटे को मारने वालों में पहले नंबर पर आरोपी सस्तानंद यादव का नाम है. वो एक साल पहले झाड़-फूंक करने वाले अयूब की पीट-पीटकर हुई हत्या का भी आरोपी था. लेकिन पुलिस की मदद से बच निकला.” उन्होंने कहा कि, अगर तभी उसके खिलाफ कार्रवाई हो जाती तो ऐसा करने वालों में खौफ होता और मेरे बेटे के हत्या की नौबत नहीं आती. अब मुझे इंसाफ चाहिए, मुझे कोई बताए कि मेरे 30 साल के बेटे इस्माइल की पत्नी और तीन बच्चों का परिवार कैसे चलेगा?”

इस पूरे मामले पर जोकीहाट से AIMIM विधायक शाहनवाज आलम ने पूरी तरह एक्टिव नज़र आरहे हैं। घटना के सुबह ही शाहनवाज आलम ने इस्माइल की बीवी से मुलाकात कर इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही वे इस्माइल के जनाजे में भी शरीक हुए।

एक स्थानीय न्यूज़ चैनल से बातचीत के दौरान शाहनवाज आलम ने कहा कि वे पुलिस प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा हैं कि 14 नामज़द आरोपियों में 2 को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले में पुलिस का नज़रिया बिल्कुल ही अलग है। ऐसा लग रहा है कि पुलिस पहले ही ये मान चुकी है कि इस्माइल चोर था। इस पूरे मामले में पुलिस मृतक इस्माइल को ही दोषी मानकर काम कर रही है। पुलिस की मृतक परिवार के प्रति ज़रा भी संवेदना नहीं है। इसके इतर पुलिस मुख्य आरोपी को ही निर्दोष मानकर चल रही है।

द क्विंट से बातचीत में जोकीहाट SHO विकास कुमार आज़ाद ने बताया कि “”इस्माइल चोरी कर भागने के बाद पकड़ा गया. वह चोर किस्म का था.”

ये पूछने पर की क्या इस्माइल के खिलाफ कोई चोरी का मामला दर्ज है? इसपर SHO ने कहा कि “थाने में कोई केस दर्ज नहीं हुआ लेकिन पूरा गांव कहता है कि ये चोर था”

अयूब मॉब लीनचिंग मामले में आरोपी सस्तानन्द यादव के बारे में पूछने पर SHO का कहना है कि “उस मामले में भी सस्तानन्द यादव को फंसाया गया था। उस वक़्त वे वार्ड पार्षद थे इसलिए विरोधियों ने उनको फंसा दिया ताकि वे चुनाव न लड़ पाए। सस्तानन्द यादव एक भले इंसान हैं उनको फँसाया गया था इसलिए जांच में वे बरी हो गए”

रिपोर्टर ने जब SHO से ये पूछा कि सस्तानन्द पर मॉब लीनचिंग का ये दूसरा आरोप है उसपर जांच क्यों नहीं होनी चाहिये? इसपर SHO साहब ने कहा कि “आरोप लगाने से क्या होता है. सस्तानंद यादव का घर बहुत दूर है, फिर भी इनका नाम दे दिया गया है. रही बात इस्माइल की तो, वो कैसे मर गया समझ में नहीं आ रहा है. इसका माथा-ओथा नहीं फटा फिर भी कैसे मर गया. लोग कह रहे हैं कि उसकी नस कटी है जो गलत है. बोलने के लिए सब बोल देते हैं, सच तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आ ही जाएगा. रही बात जांच की तो वो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार की जाएगी.”

ऐसी स्थिति में जब पुलिस ने पहले ही तय कर लिया हो कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष तब इंसाफ मिल पाना और मुश्किल हो जाता है। इस्माइल का परिवार न तो आर्थिक रूप से इतना मजबूत है कि प्रशासन को चुनौती दे पाए। ऐसे में जन प्रतिनिधि की ज़िम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे प्रशासन पर लगातार दबाव बनाता रहे ताकि पुलिस निष्पक्ष होकर जांच कर सके।

जोकीहाट से AIMIM विधायक शाहनवाज आलम ने आज भी ज़िले के DM और SP से मुलाक़ात कर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की। उन्होंने DM और SP से मुलाकात कर तीन मांगे रखीं। उन्होंने इस्माइल के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की साथ ही फ़रार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की भी मांग की और जरूरत पड़ने पर कुर्की जब्ती कर फरार आरोपियों पर दबाव बनाने की मांग की।

ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या AIMIM विधायक की मेहनत इस जांच में पुलिस प्रशासन के नज़रिए को बदल पाएगा?

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