इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने पश्चिम बंगाल के बांकुरा में अब्दुल माफ़ीक की मौत को लेकर न्याय की मांग की है। IYC के मुताबिक, 13 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं के कथित हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 15 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
IYC के अनुसार, अब्दुल माफ़ीक के 25 वर्षीय बेटे अब्दुल हफ़ीज़ बांकुरा स्थित अपने सरकारी स्कूल की खराब स्थिति का मुद्दा उठाने के लिए वहां गए थे। संगठन का आरोप है कि स्कूल की स्थिति को लेकर सवाल उठाने के कुछ ही मिनट बाद हफ़ीज़ पर कथित तौर पर BJP कार्यकर्ताओं की भीड़ ने हमला कर दिया।
IYC का दावा है कि इस दौरान हफ़ीज़ के पिता अब्दुल माफ़ीक भी गंभीर रूप से घायल हुए। परिवार के मुताबिक, उन्हें दो दिनों तक बांकुरा से बाहर बेहतर इलाज के लिए जाने की अनुमति नहीं दी गई। हालत बिगड़ने पर परिवार उन्हें 15 अगस्त को बर्धमान लेकर गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
इंडियन यूथ कांग्रेस ने कहा कि उसकी टीम अब्दुल हफ़ीज़ और उनके परिवार के संपर्क में है तथा उन्हें कानूनी और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। संगठन ने कहा कि परिवार को अब घटना से संबंधित एफआईआर की प्रति मिल गई है।
IYC ने मांग की है कि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। संगठन ने अब्दुल माफ़ीक की मौत की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।
संगठन की अन्य मांगों में हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान और जांच, अब्दुल हफ़ीज़ और उनके परिवार को पूरी कानूनी सुरक्षा तथा सहायता और परिवार को समय पर इलाज से रोकने के किसी भी कथित प्रयास की जांच शामिल है।
IYC ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी मामले पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने की मांग की है। संगठन ने BJP कार्यकर्ताओं पर लगाए गए हिंसा के आरोपों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।
IYC ने कहा कि एक युवक ने अपने सरकारी स्कूल की खराब स्थिति पर सवाल उठाया था और अब उसके पिता की मौत हो चुकी है। संगठन ने कहा कि वह अब्दुल हफ़ीज़ और उनके परिवार के साथ खड़ा रहेगा और न्याय मिलने तक कानूनी एवं अन्य स्तरों पर सहायता जारी रखेगा।
हालांकि, ये सभी आरोप इंडियन यूथ कांग्रेस और परिवार की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस जांच और अन्य पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

