हैदराबाद, 15 अगस्त 2026: हैदराबाद स्थित इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी (ईएफएलयू) में छात्र संगठनों के बीच कथित हिंसा का मामला सामने आया है। ईएफएलयू छात्र संघ और एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी से जुड़े सदस्यों ने उन पर लोहे की रॉड, बांस की लाठियों, बेल्ट और बीयर की बोतलों से हमला किया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है।
घटना 13 और 14 अगस्त की दरमियानी रात की बताई जा रही है। छात्र संघ के मुताबिक, 13 अगस्त की रात मह लाका बाई चंदा महिला छात्रावास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र संघ की उपाध्यक्ष के साथ कथित तौर पर मौखिक और शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया। छात्र संघ ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छात्रों के खिलाफ जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस में दर्ज एफआईआर संख्या 414/2026 के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता निखिल कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ एबीवीपी सदस्यों ने छात्रों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद छात्रों ने पुलिस से संपर्क कर लिखित शिकायत दी।
आरोप है कि तड़के करीब 4 बजे एक समूह लोहे की छड़ें, बांस की लाठियां, बीयर की बोतलें और बेल्ट लेकर बशीर मेन्स हॉस्टल में पहुंचा। शिकायत में कहा गया है कि वहां छात्रों को घेरकर पीटा गया और उनके मोबाइल फोन तथा निजी सामान को नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायत के मुताबिक, हर्ष ताम्रकार के सिर और गर्दन पर बीयर की बोतल से हमला किया गया, जबकि सोहिल यादव पर कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। प्रशांत सिंह पर बांस की लाठियों से मारपीट का आरोप है और शिकायत दर्ज होने के समय वह कथित तौर पर बेहोश थे। चार घायल छात्रों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके मेडिकल-लीगल केस दर्ज किए गए।
ईएफएलयू छात्र संघ ने आरोप लगाया कि कुछ घायल छात्रों को खून से लथपथ हालत में बाथरूम से घसीटकर हॉस्टल के गलियारों में लाया गया। संघ का यह भी दावा है कि घायलों के अस्पताल पहुंचने के बाद भी कथित हमलावर एनएसयूआई से जुड़े छात्रों की तलाश में हॉस्टल के कमरों में घूमते रहे। हॉस्टल के कमरों, निजी सामान और पानी के कूलर में तोड़फोड़ किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने एफआईआर संख्या 414 में चार नामजद आरोपियों और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, इस घटना को लेकर एक क्रॉस-एफआईआर भी दर्ज की गई है।
एफआईआर संख्या 415/2026 में छात्र ऋषभ कुमार ने आरोप लगाया कि तड़के 3 से 4 बजे के बीच 20 से अधिक छात्र उनके हॉस्टल के कमरे के बाहर पहुंचे और बेल्ट तथा लोहे की रॉड से उनके साथ मारपीट की। शिकायत में दावा किया गया है कि हमले के कारण वह बेहोश हो गए थे। इस मामले में भी कई छात्रों के नाम दर्ज किए गए हैं।
ईएफएलयू छात्र संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस पर स्थिति को समय रहते नियंत्रित न करने का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि हिंसा के बावजूद कथित हमलावर परिसर में खुले तौर पर घूमते रहे। छात्र संघ ने विश्वविद्यालय के डिप्टी प्रॉक्टर और बशीर हॉस्टल के वार्डन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।
छात्र संघ ने आरोप लगाया कि जब उसकी उपाध्यक्ष और एक पार्षद शुरुआती शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे, तब डिप्टी प्रॉक्टर ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों से एफआईआर दर्ज नहीं करने को कहा। हालांकि, पूरे मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रों पर हमले और विश्वविद्यालय प्रशासन की कथित भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

