केरल: केरल में टीवी डिबेट के दौरान मुस्लिम समुदाय को लेकर कथित विवादित टिप्पणी की आलोचना करने वाले मुस्लिम युवा नेता अब्दुल्ला बासिल सीपी के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। बासिल विजडम इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन से जुड़े प्रमुख युवा मुस्लिम नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने मलयालम न्यूज चैनल BIG TV की वरिष्ठ कोऑर्डिनेटिंग एडिटर अपर्णा कुरुप की टीवी बहस के दौरान की गई टिप्पणियों पर सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाए थे।
बताया जा रहा है कि अपर्णा कुरुप की टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर व्यापक आलोचना हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद चैनल ने संबंधित बहस को वापस ले लिया और मामले को लेकर माफी भी जारी की।
अपर्णा कुरुप ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बासिल की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बासिल की पोस्ट में उनके अनुसार पत्रकार के खिलाफ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की गई थी। इसके बावजूद शिकायत के आधार पर पुलिस ने बासिल को मामले में आरोपी बनाया है।
FIR दर्ज होने के बाद इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी विवाद खड़ा कर दिया है। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि किसी टीवी बहस में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की आलोचना करने को आपराधिक मामले का आधार बनाया जाना कितना उचित है।
मामले को लेकर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के विधायकों ने भी FIR वापस लेने की मांग की है। IUML केरल में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। पार्टी के नेताओं की ओर से FIR पर सवाल उठाए जाने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है।
मामले को लेकर बासिल के समर्थकों का कहना है कि किसी पत्रकार या मीडिया संस्थान की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार के दायरे में आता है और आलोचना को धमकी के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से धमकी के आरोप लगाए गए हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्य हैं।

