समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आजम खान का आरोप है कि दो पैन कार्ड मामले में जेल से रिहाई के महज 40 मिनट बाद, 29 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने ईडी की गिरफ्तारी और इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश को रद्द करने की मांग की है।
आजम खान की ओर से पेश हुए अधिवक्ता निजाम पाशा ने सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष याचिका का उल्लेख करते हुए मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की। मुख्य न्यायाधीश ने मामले को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में एक नवंबर को विशेष अदालत द्वारा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के आदेश को भी चुनौती दी है। याचिका में ईडी की गिरफ्तारी को रद्द करने और उसके बाद जारी न्यायिक हिरासत के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरिम राहत के तौर पर हिरासत से रिहा किए जाने की अपील भी की है।
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को जमानत दी थी। इसके बाद आजम खान की जेल से रिहाई हुई, लेकिन उनके मुताबिक, रिहाई के लगभग 40 मिनट बाद ही ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस घटनाक्रम को लेकर उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजरें टिकी हैं। आजम खान ने अदालत से ईडी की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के आदेश को रद्द करने के साथ तत्काल रिहाई की मांग की है। हालांकि, याचिका पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

