पलवल की मस्जिदों पर हमला करने वाले और गरीब व्यापारियों को पीटकर भगाने वाले अब भी आज़ाद क्यों हैं? रसूलपुर की मस्जिद में 50 दिन बाद भी नहीं पढ़ी जा सकी नमाज़
जमीअत उलमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने पलवल और मेवात में दंगा प्रभावित मस्जिदों का दौरा किया और जमीअत की ओर से करवाए जा रहे मरम्मत...

