असम के सिलचर स्थित कछार कॉलेज में हिजाब और कॉलेज के यूनिफॉर्म को लेकर विवाद के बाद ABVP और NSUI से जुड़े छात्रों के बीच झड़प हो गई। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने निर्धारित यूनिफॉर्म कोड को लागू करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। झड़प में कई छात्रों के घायल होने की खबर है, जिन्हें इलाज के लिए सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
द आब्जर्वर पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को कॉलेज परिसर में ABVP और NSUI की ओर से सदस्यता अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ABVP के कुछ सदस्यों ने NSUI के सदस्यता शिविर में शामिल मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों गुटों को अलग किया।
कछार कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अप्रतिम नाग ने कहा कि कॉलेज अपने मौजूदा यूनिफॉर्म नियमों को लागू करने की दिशा में काम करेगा। उनके मुताबिक, कॉलेज के आधिकारिक नोटिस में लड़कों और लड़कियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित है। लड़कों के लिए शर्ट-पैंट, जबकि छात्राओं के लिए सलवार-कमीज या चूड़ीदार-कमीज और निर्धारित तरीके से दुपट्टा पहनने का नियम बताया गया है।
प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि मंगलवार को हुई झड़प के संबंध में कॉलेज प्रशासन की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
एक मुस्लिम छात्रा ने आरोप लगाया कि ABVP से जुड़े छात्रों ने सबसे पहले NSUI के सदस्यता अभियान में हिजाब पहनकर पहुंची छात्राओं पर सवाल उठाए। छात्रा के अनुसार, उनसे कहा गया कि आज वे हिजाब पहनकर आई हैं और कल से कॉलेज में नमाज पढ़ना शुरू कर देंगी।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि हिजाब पहनने वाली छात्राओं पर यह अफवाह फैलाई गई कि वे हिजाब के नीचे हेडफोन लगाकर आई थीं। छात्रा ने कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन को इस तरह की आशंका है तो परीक्षा से पहले छात्रों की जांच के लिए उचित व्यवस्था की जा सकती है।
छात्रा ने आगे आरोप लगाया कि अनुमति मिलने की जानकारी सामने आने के बाद कथित तौर पर कुछ ABVP सदस्यों ने हिजाब खींचने, छात्राओं को धक्का देने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की कोशिश की। उसने यह भी दावा किया कि NSUI से जुड़े पुरुष छात्रों के साथ मारपीट की गई। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद NSUI ने आरोप लगाया कि ABVP सदस्यों ने उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया और मामले को दबाने के लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करने की कोशिश की। दूसरी ओर, ABVP ने NSUI सदस्यों पर झड़प भड़काने का आरोप लगाया और कॉलेज के निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने की बात कही।
ABVP नेताओं ने हिंसा की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कछार कॉलेज में धार्मिक पोशाक को लेकर विवाद इससे पहले भी सामने आ चुका है। 24 अगस्त को छात्रों के एक समूह ने कछार जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कॉलेज परिसर में हिजाब और टोपी समेत धार्मिक पोशाकों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
वहीं, अलगापुर-कटलीचेरा के विधायक और असम प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष जुबैर अनम मजूमदार ने कॉलेज परिसर और आसपास छात्रों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीपी दास से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। मजूमदार ने कहा कि ड्रेस कोड से संबंधित कोई भी नियम लागू किया जाए तो वह सभी छात्रों पर समान रूप से लागू होना चाहिए और किसी विशेष समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

