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आजम खान के खिलाफ ईडी ने दर्ज की एफआईआर

उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। द ऑब्जर्वर पोस्ट की 14 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसी सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, ट्रस्ट को मिले दान और विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों पर खर्च की गई रकम की जांच कर रही है। ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और इन्हें अदालत में साबित नहीं किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को ईडी की एक टीम ने रामपुर जिला जेल में आजम खान से पूछताछ की। यह पूछताछ करीब आठ घंटे तक चली। इस दौरान अधिकारियों ने ट्रस्ट को मिले दान, विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों पर हुए खर्च और ठेकेदारों तथा कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन के बारे में सवाल किए। हालांकि, पूछताछ के नतीजों को लेकर ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ईडी विश्वविद्यालय में निर्माण कार्यों पर खर्च किए गए लगभग 494 करोड़ रुपये की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माण के लिए धन कहां से आया और उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया। इसके साथ ही उन आरोपों की भी जांच की जा रही है कि आजम खान के उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहने के दौरान सरकारी धन से खरीदी गई लगभग 85 करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल विश्वविद्यालय परिसर में किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सामग्री का उपयोग छात्रावास, अस्पताल और पंडाल समेत विभिन्न सुविधाओं के निर्माण में किए जाने का आरोप है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या सरकारी ठेकेदारों ने दान या निर्माण संबंधी लेनदेन के माध्यम से मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट अथवा विश्वविद्यालय को धन हस्तांतरित किया था। इन लेनदेन से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और खातों की जांच की जा रही है, ताकि धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल का पता लगाया जा सके।

रिपोर्ट के अनुसार, ईडी मेरठ की दो संस्थाओं की ओर से ट्रस्ट को दिए गए करीब छह करोड़ रुपये के दान की भी जांच कर रही है। ये संस्थाएं समाजवादी पार्टी की पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल से जुड़ी बताई गई हैं, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई थीं। एजेंसी दान के स्रोत और रकम ट्रस्ट तक पहुंचने के तरीके की पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट में सरोजिनी अग्रवाल के मेडिकल कॉलेज से संबंधित सीबीआई जांच का भी उल्लेख है, हालांकि उसे जौहर ट्रस्ट से जुड़े ईडी के मामले से अलग बताया गया है।

ईडी ने 19 अगस्त को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में आजम खान, ट्रस्ट तथा विश्वविद्यालय से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, रामपुर में दर्ज 27 एफआईआर के आधार पर धनशोधन की जांच की जा रही है। इन मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं। एजेंसी किसानों की जमीन और शत्रु संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है।

जांच के सिलसिले में ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई है। इनमें एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, विश्वविद्यालय के अधिकारी, एक ठेकेदार और समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खान शामिल हैं, जो पहले ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं।

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना आजम खान ने वर्ष 2006 में रामपुर में की थी। उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और सांसद आजम खान विभिन्न आपराधिक मामलों का सामना कर चुके हैं और कुछ मामलों में उन्हें दोषी भी ठहराया गया है। फिलहाल जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। ईडी की जांच के निष्कर्ष और आरोपों पर आगे की कानूनी कार्रवाई से मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

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