केरल में कथित “वोट के बदले पैसे” के मामले का खुलासा करने वाले पत्रकार साजिद अजमल को धमकियों के संकेत मिलने के बाद राज्य पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई है। यह कार्रवाई केरल के डीजीपी रावड़ा चंद्रशेखर के निर्देश पर की गई।
मीडिया संस्थान MediaOne से जुड़े पत्रकार साजिद अजमल ने पलक्कड़ जिले में भाजपा उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन से जुड़े कथित नकदी वितरण के मामले का खुलासा किया था। रिपोर्ट के सामने आने के बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी धमकियां मिलने की आशंका जताई गई।
खुफिया रिपोर्ट के आधार पर डीजीपी ने सोमवार को पलक्कड़ के एसपी को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। यह कदम मीडियावन के संपादक द्वारा औपचारिक अनुरोध किए जाने के बाद उठाया गया।
अजमल की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि पलक्कड़ में एनडीए उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर पैसे बांटे गए। कन्नाडी इलाके से सामने आए वीडियो फुटेज में मतदाताओं को नकदी देते हुए दृश्य दिखाई देने के बाद यह मामला विवादों में घिर गया।
हालांकि, शोभा सुरेंद्रन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो में दिख रही महिला से उनका कोई संबंध नहीं है और इसे कांग्रेस पार्टी द्वारा गढ़ा गया है। लेकिन बाद में कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें कथित तौर पर वही महिला सुरेंद्रन की कार में यात्रा करती नजर आई, जिससे उनके दावों पर सवाल उठने लगे।
इस मामले में पलक्कड़ दक्षिण पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ताओं और वीडियो बनाने वालों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की वैज्ञानिक जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या चुनाव के दौरान अन्य जगहों पर भी धन का वितरण हुआ।
विपक्षी दलों ने इस घटना पर चिंता जताई है। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने इसे “लोकतंत्र के लिए चुनौती” बताते हुए कहा कि धमकियां खुलासे से हुई शर्मिंदगी को छिपाने की कोशिश हैं।
वहीं, मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पत्रकारों को सच सामने लाने के लिए डराया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उनका समर्थन किया जाना चाहिए।
अन्य राजनीतिक दलों, जिनमें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया शामिल हैं, ने भी पत्रकार को मिल रही धमकियों की कड़ी निंदा की है।

