उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित खोड़ा क्षेत्र में 28 मई को 17 वर्षीय सूर्या चौहान की कथित हत्या के मामले में नए दावे सामने आए हैं। एक पड़ोसी ने दावा किया है कि यह घटना सांप्रदायिक कारणों से नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे व्यक्तिगत विवाद का परिणाम थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बकरीद के दिन हुई इस घटना के बाद मामला तेजी से सांप्रदायिक रंग ले गया। वहीं, मुख्य आरोपी बताए गए असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन ने असद के परिवार के घर पर बुलडोजर कार्रवाई भी की
हालांकि, एक स्थानीय पड़ोसी ने दावा किया है कि सूर्या चौहान और असद के परिवार के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पड़ोसी के मुताबिक, सूर्या कथित तौर पर असद की विवाहित बहन को परेशान करता था, जिसको लेकर असद ने उसे कई बार चेतावनी दी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कारण परिवार को अपना घर बदलकर दूसरी गली में जाना पड़ा था।
पड़ोसी ने हत्या की घटना की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पूरे परिवार को दंडित करना उचित नहीं है।
उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत से बनाए गए घर को गिरा देना परिवार के लिए बड़ा नुकसान है।
हालांकि Journo Mirror इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है जांच एजेंसियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
इस बीच, यह मामला उत्तर प्रदेश में व्यक्तिगत विवादों के सांप्रदायिक तनाव में बदलने की बहस को भी एक बार फिर सामने लेकर आया है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

