भारत

हिजाब को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की हुई बदनामी, नोम चोमस्की ने कहा- इस्लामोफोबिया ने भारत में सबसे घातक रूप ले लिया हैं

अमेरिकी राजदूत ने भी भारत की निंदा करते हुए कहा, स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लघंन है

कर्नाटक में हिजाब को लेकर शुरु हुआ विवाद अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया हैं जिसके बाद से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदुस्तान की काफ़ी बदनामी हो रहीं हैं।

विश्व के प्रमुख भाषावैज्ञानिक एवं दार्शनिक नोम चोमस्की ने हिजाब के मुद्दे को लेकर हिंदुस्तान की जमकर आलोचना की।

नोम चोमस्की ने टीआरटी वर्ल्ड को बताते हुए कहा कि “इस्लामोफोबिया ने भारत में सबसे घातक रूप ले लिया है. लगभग 250 मिलियन (25 करोड़) भारतीय मुसलमानों को सताए हुए अल्पसंख्यक में बदल दिया है।”

नोम चोमस्की के अनुसार हिंदुस्तान के 25 करोड़ मुसलमान सबसे ज्यादा सताए जाने वाले अल्पसंख्यक हैं. इनको काफ़ी परेशान किया जा रहा हैं।

इसके साथ साथ अमेरिकी राजदूत ने भी भारत की आलोचना करते हुए कहा कि “धार्मिक स्वतंत्रता में धार्मिक पोशाक चुनने की क्षमता शामिल है। भारत के राज्य कर्नाटक को धार्मिक कपड़ों की अनुमति का निर्धारण नहीं करना चाहिए। स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है और महिलाओं और लड़कियों को कलंकित और हाशिए पर रखता है।”

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