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कोलकाता: ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख Mamata Banerjee के खिलाफ एक FIR दर्ज की है। आरोप है कि विधानसभा चुनावों से पहले दिए गए उनके एक भाषण से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने की कोशिश की गई है।

यह मामला कोलकाता के एक निवासी द्वारा 20 मई को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सामने आया है। शिकायत में कहा गया है कि ममता बनर्जी ने मार्च में एक सभा के दौरान कथित तौर पर कहा था कि यदि “एक विशेष समुदाय एकजुट हो जाए तो इसके अन्य समुदायों के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं।”

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें धार्मिक आधार पर नफरत फैलाने, आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

मामले की जांच के तहत भाषण के वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों और टीएमसी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता Hussain Dalwai ने FIR को गलत बताते हुए कहा कि सरकार को जनता के हित में काम करना चाहिए, जबकि टीएमसी नेता Kunal Ghosh ने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है।

वहीं, Akhilesh Yadav ने दावा किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद टीएमसी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दलों के खिलाफ संस्थाओं और कानूनी मामलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बीच, टीएमसी के भीतर भी आंतरिक मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी से निष्कासित नेताओं और बागी विधायकों के बीच नेतृत्व को लेकर विवाद गहरा गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता Kalyan Banerjee ने भी नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए हैं और राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee की कार्यशैली की आलोचना की है।

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