100 से अधिक धार्मिक, मानवाधिकार और नागरिक अधिकार संगठनों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इजरायली हिरासत में मौजूद 20 वर्षीय अमेरिकी नागरिक और फिलिस्तीनी छात्रा समा साफी की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि साफी को 2 जून से इजरायली सेना ने हिरासत में रखा है।
संगठनों के गठबंधन के मुताबिक, 2 जून की तड़के करीब 3 बजे सशस्त्र इजरायली सैनिकों ने वेस्ट बैंक स्थित साफी के परिवार के घर पर छापा मारा। आरोप है कि सैनिकों ने दरवाजा तोड़ा और साफी को उसके परिवार से अलग कर दिया।
समा साफी बिरज़ाइट विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान की ऑनर्स छात्रा हैं। संगठनों के अनुसार, वह एक गंभीर और लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं, जिसके लिए विदेश में विशेष और लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत है। उनका कहना है कि इलाज में रुकावट से उनकी हालत गंभीर रूप से बिगड़ सकती है और अंगों को स्थायी नुकसान का खतरा है।
गठबंधन ने आरोप लगाया कि साफी को वेस्ट बैंक से हाइफ़ा के पास स्थित डामन जेल में स्थानांतरित किया गया। संगठनों ने इस स्थानांतरण को चौथे जिनेवा कन्वेंशन के अनुच्छेद 147 का संभावित उल्लंघन बताते हुए इसे संभावित युद्ध अपराध करार दिया है।
पत्र में साफी द्वारा हिरासत की परिस्थितियों को लेकर लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। उनके मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें हथकड़ी लगाई गई, आंखों पर पट्टी बांधी गई और कई घंटों तक वाहन में घुमाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआती 24 घंटों तक उन्हें खाना और पानी नहीं दिया गया तथा उन्हें मौखिक दुर्व्यवहार और तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
संगठनों ने कहा कि हजारों अमेरिकी नागरिकों ने साफी की रिहाई की मांग को लेकर अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों से संपर्क किया है। कई अमेरिकी सांसद भी इस मामले पर चिंता जता चुके हैं। सांसद क्रिस वैन हॉलन ने 4 जून को साफी समेत चार छात्रों की हिरासत पर सवाल उठाते हुए अमेरिका से उनकी रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की थी।
कांग्रेस सदस्य डेरेक ट्रान ने भी 23 जून को साफी की हिरासत पर चिंता जताई थी। वहीं, 15 अगस्त को कांग्रेस सदस्य राशिदा तलीब ने इजरायली जेल में साफी के साथ कथित व्यवहार को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए तत्काल रिहाई की मांग की।
संगठनों ने अमेरिकी विदेश विभाग से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और साफी की रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक हिरासत में रहने से उनकी गंभीर स्वास्थ्य समस्या और बिगड़ सकती है।

