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अमेरिकी संगठन ‘जेनोसाइड वॉच’ के संस्थापक प्रोफेसर ग्रेगरी स्टैंटन ने भारत में नरसंहार की चेतावनी दी, 1994 में हुए रवांडा नरसंहार का भी पूर्वानुमान लगाया था

सोशल एक्टिविस्ट जफर सैफी ने कहा, मुसलमानों की पहचान पर दैनिक हमले प्रोफेसर ग्रेगरी की चेतावनी को सच साबित कर रहें हैं

दुनियाभर में धर्म, जाति, नस्ल आदि के आधार पर किये जाने वाले हमलों एवं नरसंहार पर अध्ययन करने वाले अमेरिकी संगठन जेनोसाइड वॉच के संस्थापक प्रो ग्रेगोरी एच स्टैंटन ने हाल ही में भारत में नरसंहार की चेतावनी दी।

प्रो ग्रेगोरी एच स्टैंटन ने नरसंहार के ऊपर 10 चरणों का एक सिद्धांत दिया हैं. जिसमें उनकी संस्था नरसंहार और सामूहिक हत्या के सभी रूपों पर अध्ययन करती हैं. ऐसी घटनाओं के प्रति उन देशों को सचेत भी करती हैं जहां खतरा होता हैं तथा उसके रोकथाम के लिए उपाय भी बताते हैं।

प्रो. स्टैंटन ने हाल ही में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “भारत नरसंहार एवं उत्पीड़न के आठवें चरण में पहुंच गया है. जो कि विनाश के चरण से केवल एक कदम दूर है।”

प्रो स्टैंटन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को हिंदू चरमपंथी संगठन के रूप में सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की. तथा कहा, आरएसएस अपनी स्थापना के बाद से ही नफरत फैला रहा हैं यह मूल रूप से एक नाजी संगठन है और हिटलर का प्रशंसक है।

सोशल एक्टिविस्ट जफर सैफी ने बीबीसी न्यूज़ का हवाला देते हुए बताया कि “अमेरिका स्तिथ गैर लाभकारी संगठन ‘जेनोसाइड वॉच’ के संस्थापक प्रोफेसर ग्रेगरी स्टैंटन ने भारत में नरसंहार की चेतावनी दी है और कहा है कि मुस्लिम इसका लक्ष्य बन सकते हैं. प्रोफेसर ग्रेगरी ने 1994 में हुए रवांडा नरसंहार का भी पूर्वानुमान लगाया था।”

जफर सैफी के अनुसार “मुसलमानों की पहचान पर दैनिक हमले मुझे प्रोफेसर ग्रेगरी की चेतावनी की याद दिला रहें हैं. क्या पीएम मोदी सार्वजनिक रूप से मुसलमानों को सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं?”

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