आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी द्वारा अपनी सुरक्षा व्यवस्था कम किए जाने का दावा किए जाने के बाद श्रीनगर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। सांसद ने मंगलवार को कहा कि उनकी सुरक्षा घटाना और उनका फेसबुक अकाउंट निलंबित करना उन्हें “लोगों के खिलाफ अत्याचार” के मुद्दों पर आवाज उठाने से नहीं रोक सकता।
पुलिस के अनुसार, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित रूप से झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने की विश्वसनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि संबंधित सामग्री का उद्देश्य भय पैदा करना, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना और गैरकानूनी गतिविधियों को उकसाना हो सकता है।
इस मामले में मेहदी के साथ-साथ पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। मेहदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह “छोटी-मोटी बातों” से न तो आकर्षित होते हैं और न ही सुरक्षाकर्मियों की अनुपस्थिति से भयभीत हैं।
उन्होंने कहा कि एक नागरिक के रूप में वह संविधान प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए “खून की आखिरी बूंद तक” लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता अपने लोगों के लिए लड़ते हुए शहीद हुए थे और वही उनका मार्ग है।
वहीं, मट्टू ने दावा किया कि ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमले और अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की हत्या पर दिए गए उनके बयानों के कारण उनकी सुरक्षा तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई। उन्होंने इसे “आवाज दबाने का प्रयास” बताया।
मट्टू ने कहा कि वह मानवता और न्याय के मुद्दों पर बोलते रहेंगे और ईरान के संदर्भ में भारत की कथित “नैतिक निष्क्रियता” पर जवाब मांगते रहेंगे।
पुलिस ने बयान में कहा कि प्रथम दृष्टया संबंधित सामग्री विकृत तथ्यों और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार को दर्शाती है, जिससे सार्वजनिक अशांति और सामाजिक असामंजस्य उत्पन्न हो सकता है। पुलिस के अनुसार, ऐसे प्रयास शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
साइबर पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 197(1)(घ) और 353(1)(ख) के तहत एफआईआर संख्या 02/2026 और 03/2026 दर्ज की गई हैं।

