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गुजरात में UCC विधेयक पास: विपक्ष का विरोध, कांग्रेस ने बताया “मुस्लिम विरोधी”

गुजरात विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित कर दिया। Uniform Civil Code (UCC) के तहत अब राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक समान कानून लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री Bhupendra Patel ने कहा कि यह कानून संविधान के सिद्धांतों पर आधारित है और इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है।

उन्होंने बताया कि इस कानून में विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन, तलाक के एकसमान नियम और बेटा-बेटी के लिए समान उत्तराधिकार अधिकार जैसे प्रावधान शामिल हैं।

कानून के अनुसार, विवाह का पंजीकरण 60 दिनों के भीतर नहीं कराने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। जबरन या धोखाधड़ी से कराए गए विवाह और बहुविवाह के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान भी रखा गया है।

लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर सजा या जुर्माना हो सकता है।

इस विधेयक के पारित होने के साथ ही गुजरात, Uttarakhand के बाद UCC कानून लागू करने वाला दूसरा राज्य बन गया।
वहीं विपक्षी दलों, खासकर Indian National Congress और Aam Aadmi Party ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया।

कांग्रेस नेताओं ने इसे “मुस्लिम विरोधी” बताते हुए कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करता है और इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी।

कुछ विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करता है और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के पर्सनल लॉ को प्रभावित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना व्यापक चर्चा के इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित किया गया है।

हालांकि, सत्ताधारी Bharatiya Janata Party (BJP) ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल, इस कानून को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।

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