मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पुलिस हिरासत के दौरान 22 वर्षीय दलित युवक Ram Vishal Ahirwar की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे इलाके में आक्रोश फैल गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि राम विशाल अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए चंदला थाने पहुंचे थे, जहां बातचीत के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस का कहना है कि युवक ने कथित तौर पर कोई जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया था, जो उसकी जेब से बरामद हुआ। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसने यह पदार्थ कब और कैसे लिया।
पुलिस के अनुसार, उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस दावे को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर इस बात को लेकर कि थाने के अंदर ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई।
वहीं, मृतक के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि राम विशाल को थाने के अंदर बेरहमी से पीटा गया और उसकी चीखें बाहर तक सुनाई दे रही थीं। परिवार का आरोप है कि पुलिस अब इस घटना को छिपाने के लिए “जहर खाने” की कहानी बना रही है।
मृतक की पत्नी ने भी दावा किया कि उनके पति दर्द से तड़प रहे थे, बार-बार पानी मांग रहे थे, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं दी गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर के पुलिस अधीक्षक Agam Jain ने चंदला थाना प्रभारी Sandeep Dixit को निलंबित कर दिया है और पूरे मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Aditya Patle ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल, इस घटना ने पुलिस हिरासत में मानवाधिकारों और जवाबदेही को लेकर बहस को तेज कर दिया है और सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

