Allahabad High Court ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और पाकिस्तान समर्थक फेसबुक पोस्ट साझा करने के आरोपी ताहिर मेवाती को ज़मानत दे दी है।
बुलंदशहर निवासी ताहिर मेवाती पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट साझा किए थे जिनमें पीएम मोदी को अपमानजनक तरीके से दिखाया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की एकल पीठ ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए 25 मई को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि मेवाती एक ऐसे फेसबुक अकाउंट का संचालन कर रहे थे, जिसके जरिए प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री और पाकिस्तान समर्थक पोस्ट साझा किए जा रहे थे।
अदालत में पेश किए गए स्क्रीनशॉट्स में कथित तौर पर पीएम मोदी को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan द्वारा घसीटते हुए दिखाया गया था। कुछ पोस्ट्स में “मोदी माफ़ी मांगता है” जैसे कैप्शन और उर्दू में लिखी सामग्री भी शामिल थी।
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि डिजिटल सबूतों के जरिए ताहिर मेवाती का उस फेसबुक अकाउंट से संबंध साबित होता है। इसके तहत मोबाइल फोन की बरामदगी, आईपी एड्रेस लॉग, ईमेल आईडी, फोन नंबर और लॉगिन टाइमस्टैम्प जैसे तकनीकी सबूत अदालत के सामने रखे गए।
वहीं, ताहिर मेवाती की ओर से दलील दी गई कि संबंधित फेसबुक अकाउंट फर्जी था और किसी अन्य व्यक्ति ने उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से उसे बनाया था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मेवाती को ज़मानत दे दी। गौरतलब है कि यह मामला साल 2025 में दर्ज हुआ था, जब बुलंदशहर के सलेमपुर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले अगस्त 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी और पोस्ट्स को भड़काऊ तथा सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला बताया था।

