Journo Mirror
India

प्रधानमंत्री मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध रोक सकते हैं, लेकिन पेपर लीक नहीं: कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नीट पेपर लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।

रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के बाद छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की बजाय सांप्रदायिक राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

दिपके ने कहा, “अगर जवाबदेही तय नहीं की जाती है, तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारी है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध रोक सकते हैं, तो क्या वे पेपर लीक नहीं रोक सकते?”

सीजेपी संस्थापक ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में 6,000 से 7,000 लोगों ने भाग लिया। उनके अनुसार, यह युवाओं की बढ़ती नाराजगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग का संकेत है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और रोजगार के सीमित अवसर देश के युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं।

दिपके ने यह भी स्पष्ट किया कि सीजेपी किसी राजनीतिक दल से जुड़ा संगठन नहीं है और इसे एक स्वतंत्र युवा आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके आंदोलन का समर्थन करना चाहते हैं, वे बाहर से समर्थन दे सकते हैं, लेकिन संगठन किसी राजनीतिक दल के साथ औपचारिक रूप से नहीं जुड़ेगा।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों को लेकर की जा रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते हुए जिम्मेदारीपूर्ण बयान देने की सलाह दी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर प्रदर्शित करने तथा ‘जय भीम’ के नारे लगाने का बचाव किया।

रिपोर्टों के अनुसार, दिपके के एमआईडीसी वालुज स्थित आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और सुरक्षा कर्मियों की संख्या 11 से बढ़ाकर 15 कर दी गई है।

मई 2026 में सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में शुरू हुई सीजेपी ने कम समय में बड़ी ऑनलाइन लोकप्रियता हासिल की है। संगठन का कहना है कि वह शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी शांतिपूर्ण अभियान को आगे बढ़ाएगा।

Related posts

Leave a Comment