कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष Sonia Gandhi ने गाजा में जारी संघर्ष को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गाजा में मानवीय संकट के बावजूद सरकार की “चुप्पी और निष्क्रियता” भारत की नैतिक प्रतिष्ठा और रणनीतिक हितों दोनों को नुकसान पहुँचा रही है।
एक लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट गाजा में बड़े पैमाने पर तबाही, नागरिकों और बच्चों की मौत तथा बुनियादी ढांचे के विनाश की गंभीर तस्वीर पेश करती है। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों, खासकर बच्चों की पीड़ा पर दुनिया चिंता जता रही है, लेकिन भारत की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सोनिया गांधी ने 7 अक्टूबर 2023 को Hamas द्वारा इज़राइल पर किए गए हमले की निंदा करते हुए उसे “भयानक और अस्वीकार्य” बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके जवाब में Israel की सैन्य कार्रवाई ने मानवीय सीमाओं को पार कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की पारंपरिक फिलिस्तीन समर्थक विदेश नीति कमजोर हुई है और सरकार का मौजूदा रुख देश के दीर्घकालिक कूटनीतिक हितों को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना था कि भारत को मानवीय मूल्यों और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के अनुरूप स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने भी सोनिया गांधी के विचारों का समर्थन किया और गाजा मुद्दे पर भारत से स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की।
वहीं, Bharatiya Janata Party ने सोनिया गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत ने गाजा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर अपना रुख कई बार स्पष्ट किया है, संयुक्त राष्ट्र में युद्धविराम के पक्ष में मतदान किया है और मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई है। भाजपा ने कांग्रेस पर विदेश नीति के मुद्दे पर “वोट बैंक की राजनीति” करने का आरोप लगाया।

