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दिल्ली दंगा: अंकित शर्मा हत्याकांड में बरी 6 मुस्लिम युवकों के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी दिल्ली पुलिस

2020 की उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में छह आरोपियों के बरी होने के फैसले को दिल्ली पुलिस दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट में इसकी जानकारी दी।

यह मामला न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ के सामने सुनवाई के दौरान सामने आया। पीठ नाज़िम और कासिम की ओर से दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। दोनों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को चुनौती दी है।

दिल्ली पुलिस के विशेष सरकारी वकील रजत नायर ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार उन छह आरोपियों की बरी के खिलाफ अपील दायर करने की तैयारी कर रही है, जिन्हें निचली अदालत ने मामले में बरी कर दिया था।

ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत जावेद, अनस, नाज़िम और कासिम को दोषी ठहराया था। अदालत ने हत्या, दंगा, गैरकानूनी सभा और विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने सहित कई अपराधों में दोषी ठहराते हुए पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने हसीन, समीर खान, फिरोज, गुलफाम, शोएब आलम और मुंतजिम को बरी कर दिया था।

अब दिल्ली पुलिस इन छह आरोपियों की बरी को भी हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

बुधवार की सुनवाई में नाज़िम और कासिम के वकीलों ने उनके खिलाफ पेश किए गए सबूतों पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले में कोई टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (पहचान परेड) नहीं कराई गई थी और अभियोजन पक्ष की गवाही को स्वतंत्र साक्ष्यों से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।

हाईकोर्ट ने दोनों की अपीलों पर नोटिस जारी करते हुए निचली अदालत से संबंधित रिकॉर्ड भी मंगवाया है। उनकी उम्रकैद की सजा को निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर अदालत 2 दिसंबर को सुनवाई करेगी।

यह मामला दयालपुर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 65/2020 से संबंधित है। शिकायत अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार ने दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा काम से घर लौटे थे और बाद में घरेलू सामान खरीदने के लिए बाहर गए थे। जब वह वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की।

बाद में परिवार को सूचना मिली कि चांद बाग पुलिया के पास एक व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या कर शव नाले में फेंक दिया गया है। बाद में नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद किया गया और उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 51 चोटों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें धारदार हथियार और कुंद वस्तु से लगी चोटें शामिल थीं।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान भीड़ ने अंकित शर्मा पर हमला किया और बाद में उनके शव को नाले में फेंक दिया।

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