पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने आरोप लगाया है कि पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल पर भाजपा समर्थकों ने उस समय हमला कर दिया, जब वह पार्टी कार्यकर्ता मोंटू मिया के परिवार से मिलकर लौट रहा था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व CPI(M) केंद्रीय समिति की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी कर रही थीं।
CPI(M) के अनुसार, मोंटू मिया एक पार्टी कार्यकर्ता और पशुपालक थे, जिनकी पिछले सप्ताह कथित तौर पर स्वयंभू गौ रक्षकों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। प्रतिनिधिमंडल सीतलकुची ब्लॉक में उनके परिजनों से मुलाकात करने के बाद जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर जा रहा था, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित रैली में शामिल होना था।
पार्टी का आरोप है कि रास्ते में भाजपा समर्थकों ने मीनाक्षी मुखर्जी, जिला सचिव अनंत रॉय और अन्य नेताओं की गाड़ी पर अंडे फेंके। CPI(M) ने यह भी दावा किया कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन पुलिस ने हमलावरों को रोकने के लिए तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की।
घटना के बाद मीनाक्षी मुखर्जी और अन्य कार्यकर्ताओं ने पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना दिया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। पार्टी के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कथित हमलावरों में से कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए CPI(M) के पश्चिम बंगाल राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमले की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक हिंसा और भय का माहौल बनाया जा रहा है। सलीम ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई और व्यापक पुलिस सुधारों की मांग की।

