ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख और पूर्व सांसद बदरुद्दीन अजमल ने योग गुरु बाबा रामदेव के “हिंदू राष्ट्र” संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा न तो व्यावहारिक है और न ही संभव।
गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अजमल ने कहा, “यह पागलपन है। भारत कभी हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। यहां सभी धर्मों और हजारों समुदायों के लोग रहते हैं। ऐसे में हिंदू राष्ट्र की कल्पना सिर्फ एक सपना है और ऐसा सोचने वाले लोग वास्तविकता से दूर हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता और संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से है। किसी एक धार्मिक पहचान को पूरे देश पर लागू करने का विचार देश की सामाजिक और सांस्कृतिक वास्तविकताओं के अनुरूप नहीं है।
अजमल की यह टिप्पणी बाबा रामदेव के हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने हिंदू राष्ट्र की स्थापना की वकालत की थी। इस बयान को लेकर देश के विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान बदरुद्दीन अजमल ने अन्य कई मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने असम में कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की कार्रवाई, गुवाहाटी में जलभराव की समस्या, राम मंदिर दान निधि विवाद, प्रणब डोले की गिरफ्तारी, पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता पर चल रही बहस और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

