बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल एक 19 वर्षीय छात्र पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने आरोप लगाया है कि यह हमला छात्र की आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के कारण किया गया और हमलावर ABVP से जुड़े हुए थे।
हालांकि, ABVP ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। AISA के अनुसार, 28 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे जलाहल्ली स्थित बीईएल सर्कल के पास दो मोटरसाइकिलों पर आए चार नकाबपोश लोगों ने छात्र को घेर लिया।
आरोप है कि हमलावरों ने पहले उसकी पहचान की पुष्टि की और फिर लाठियों से हमला कर दिया। छात्र के पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसके पैर पर प्लास्टर चढ़ाना पड़ा।
शिकायत के मुताबिक, हमलावरों ने छात्र से कथित तौर पर पूछा, “क्या तुम मोदी का इस्तीफा चाहते हो? करके दिखाओ। तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई यह मांग करने की?” बताया गया है कि राहगीरों के हस्तक्षेप के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
AISA का कहना है कि छात्र NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर फ्रीडम पार्क में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल था।
संगठन का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों की तस्वीरें ली गई थीं और बाद में उन्हीं तस्वीरों के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उन्हें निशाना बनाया गया।
AISA ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की गई और छात्र के साथ गए अन्य छात्रों को कई घंटों तक पुलिस स्टेशन में रोके रखा गया। बाद में 29 जुलाई को जलाहल्ली पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
वहीं, ABVP की बेंगलुरु इकाई ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि एफआईआर में किसी भी संगठन का नाम नहीं है और AISA के आरोप निराधार हैं। AISA ने पुलिस से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल घायल छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह उपचार के बाद स्वस्थ हो रहा है।

