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भाजपा नेता की शिकायत के बाद ईसाई नेता अरुण पन्नालाल गिरफ्तार, सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर न्यायिक हिरासत में भेजा

रायपुर: छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष और ईसाई अधिकार कार्यकर्ता अरुण पन्नालाल को सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनकी गिरफ्तारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता की शिकायत के बाद दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, पन्नालाल को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को उन्हें अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला सोशल मीडिया पर उनके द्वारा कथित तौर पर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है, जिस पर हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों ने आपत्ति जताई थी।

भाजपा नेता की शिकायत के बाद पुलिस ने पन्नालाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और शांति भंग करने के इरादे से किसी व्यक्ति का जानबूझकर अपमान करने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि पन्नालाल की सोशल मीडिया टिप्पणी से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में पन्नालाल की उस कथित सोशल मीडिया टिप्पणी का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

अरुण पन्नालाल छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष हैं और राज्य में ईसाई समुदाय के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहे हैं। वह पहले भी छत्तीसगढ़ में ईसाइयों पर कथित हमलों और समुदाय के साथ भेदभाव के आरोपों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।

उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार बहस होती रही है।

मामले में अब अदालत की आगे की कार्यवाही और पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। वहीं, पन्नालाल के समर्थकों की ओर से उनकी गिरफ्तारी और लगाए गए आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

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