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उत्तराखंड: हल्द्वानी में दस्तावेजों की कमी के चलते दो मदरसे सील

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में प्रशासन ने बनभूलपुरा इलाके में दो मदरसों को सील कर दिया है। प्रशासन के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान दोनों संस्थानों के संचालक पंजीकरण, मान्यता और आवश्यक अनुमोदन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। यह कार्रवाई राज्य में बिना जरूरी अनुमति और मान्यता के संचालित संस्थानों की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

जानकारी के मुताबिक, हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में प्रशासन की संयुक्त टीम ने बनभूलपुरा क्षेत्र के कई मदरसों का निरीक्षण किया। इस दौरान संस्थानों के पंजीकरण, सरकारी मान्यता और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। प्रशासन का कहना है कि दो मदरसों के संचालक आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए, जिसके बाद दोनों को सील कर दिया गया।

हल्द्वानी के नगर मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने कहा कि आवश्यक मान्यता और निर्धारित नियमों का पालन किए बिना किसी संस्था को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीमें मौके पर ही दस्तावेजों की जांच कर रही हैं और संस्थानों के संचालन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का भी सत्यापन किया जा रहा है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके के उन अन्य मदरसा संचालकों में भी चिंता बढ़ गई है, जिनके संस्थानों के दस्तावेज या मंजूरी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ संचालकों ने एहतियात के तौर पर अपने संस्थान बंद करना शुरू कर दिया है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हल्द्वानी में हुई कार्रवाई से एक दिन पहले उधम सिंह नगर में भी प्रशासन ने एक मदरसे को अवैध बताते हुए सील किया था। हालांकि, संबंधित मदरसे के संचालक ने दावा किया था कि उन्होंने सरकारी विभाग के पास मंजूरी के लिए आवेदन पहले ही जमा कर दिया था और प्रक्रिया में देरी हुई है। संचालक ने प्रशासन के फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात कही थी।

वहीं, कुछ मदरसा संचालकों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है। उनका तर्क है कि निजी तौर पर संचालित मदरसों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई उनके संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल उन संस्थानों की जांच करना है जो आवश्यक अनुमति, मान्यता या दस्तावेजों के बिना संचालित हो रहे हैं और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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