उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम पर पार्टी में पद दिलाने और विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को राव साहब नामक अज्ञात ईमेल के जरिए भेजी गई एक शिकायत में दावा किया गया है कि गौतम से जुड़े कुछ लोग उत्तर प्रदेश में पार्टी पदों, नेताओं से मुलाकात और विधानसभा टिकट दिलाने के नाम पर कथित तौर पर धन उगाही कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
29 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए ईमेल में विनय गौतम और सोनू गौतम नाम के दो लोगों पर वसूली का नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, दोनों खुद को राजेंद्र पाल गौतम का रिश्तेदार और निजी सहायक बताते हैं। आरोप है कि वे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नेताओं और पार्टी में पद पाने के इच्छुक लोगों से संपर्क कर उन्हें प्रभारी से मुलाकात कराने, संगठन में पद दिलाने और विधानसभा टिकट दिलाने का प्रलोभन देते हैं। इसके बदले कथित तौर पर यूपीआई और नकद के माध्यम से पैसे लिए जाते हैं।
शिकायतकर्ता ने ईमेल में कुछ मोबाइल नंबर और यूपीआई आईडी भी साझा की हैं, जिनके जरिए कथित लेन-देन किए जाने का दावा किया गया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक व्यक्ति को पद का इच्छुक उम्मीदवार बनाकर कथित तौर पर जांच की गई, जिसमें उससे पहले यूपीआई और फिर नकद पैसे लिए गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि पद मिलने के बाद उससे 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग भी की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित लेन-देन की आधिकारिक जांच की जानकारी सामने नहीं आई है।
शिकायत के दूसरे हिस्से में आरोपों का दायरा राजेंद्र पाल गौतम तक पहुंचाया गया है। ईमेल में दावा किया गया है कि शुरुआत में शिकायतकर्ता को लगा था कि उनके कार्यालय से जुड़े लोग प्रभारी की जानकारी के बिना वसूली कर रहे हैं, लेकिन बाद में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि इस पूरे नेटवर्क में गौतम की भी भूमिका है। शिकायत में मिशन जय भीम नामक निजी संगठन से जुड़े अजीत आर्य और मेजर शेखर का भी नाम लिया गया है। आरोप है कि ये दोनों लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रभारी के कमरे में बैठते हैं और बंद कमरे में होने वाली बैठकों में भी शामिल रहते हैं।
ईमेल में उतरौला विधानसभा सीट से टिकट दिलाने के नाम पर हसीब खान से 50 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि टिकट मिलने के बाद दो करोड़ रुपये और देने की कथित डील हुई थी। आरोप में कहा गया है कि इस रकम को लेने के लिए अजीत आर्य और मेजर शेखर खुद गए थे। वहीं, बीकेटी विधानसभा सीट के टिकट के बदले गोमती नगर स्थित एक आवास को राजेंद्र पाल गौतम के नाम ट्रांसफर कराने की डील किए जाने का भी दावा किया गया है। शिकायत में अभिषेक यादव नाम के व्यक्ति का भी उल्लेख है।
इसके अलावा शिकायत में संगठन सृजन अभियान के दौरान बदायूं जिले में पार्टी अध्यक्ष का पद दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग में पदों के बदले करोड़ों रुपये की कथित वसूली और निजी बंगले के निर्माण कार्य को संगठन में पद दिलाने से जोड़कर भी आरोप लगाए गए हैं।
इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इस मामले पर Journo Mirror की टीम ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।

