उत्तर प्रदेश के बरेली में सितंबर 2025 में हुई हिंसा के मामले में आरोपी इमरोज को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने मामले में इमरोज की ओर से कानूनी पैरवी की। हाईकोर्ट ने कोतवाली थाना, बरेली में दर्ज केस क्राइम नंबर 489/2025 में जमानत मंजूर की है।
यह मामला 26 सितंबर 2025 को बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हुई हिंसा से संबंधित है। जुमे की नमाज के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में झड़पें हुई थीं।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान पथराव और पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई थीं। हिंसा के बाद कई मुकदमे दर्ज किए गए और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
इमरोज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इनमें धारा 109(1), 109(2), 118(2), 121(1), 189(5), 191(2), 191(3), 195(1), 196(1), 196(2), 223, 310(2), 324(5), 324(6), 61(2) और 62 शामिल हैं। इसके अलावा आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 7 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धाराएं 3 और 4 भी लगाई गई थीं।
इमरोज की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में APCR की ओर से अधिवक्ता आबाद अली त्यागी और अधिवक्ता गुफरान अली ने पैरवी की। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद इमरोज को इस मामले में राहत मिली है।
APCR का कहना है कि वह नागरिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से जुड़े मामलों में कानूनी सहायता और प्रतिनिधित्व प्रदान करता है।

