राजनीति

BSP को दलितों ने, SP को यादवो ने और RLD को जाटों ने वोट न देकर BJP की जीत को आसान बना दिया: कलीमुल हफीज़

मुसलमानों को किसी की हार जीत के बजाय अपनी जीत का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए

ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने ईस्ट करावल नगर वार्ड में एक जनसभा का आयोजन किया जिसको दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कलीमुल हफीज़ ने संबोधित किया।

कलीमुल हफीज़ ने कहा, भारत की सबसे बड़ी ख़ूबी इसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था है। जिसमें सभी नागरिकों को समान अधिकारों की गारंटी दी गयी है. देश के संविधान में बाबा साहब ने भी आरक्षण के माध्यम से सभी कमज़ोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान की है ।

कुछ शक्तियां भारत के लोकतंत्र और संविधान को बदलना चाहती हैं. लेकिन मजलिस के कार्यकर्ता संविधान को बचाने के लिए आख़री दम तक काम करेंगे।

अध्यक्ष ने कहा कि मुसलमानों को किसी की हार जीत के बजाय अपनी जीत का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए. उन्होंने उत्तर प्रदेश में चुनाव परिणामों का ज़िक्र करते हुए कहा कि समाजवादी गठबंधन को 83% मुस्लिम वोट मिलने के बावजूद, भाजपा इसलिए जीती क्योंकि धर्मनिरपेक्ष दलों को खुद उनके ही लोगों ने वोट नहीं दिया।

बहुजन समाज पार्टी को दलितों ने , समाजवादी को यादवो ने और लोक दल को खुद जाटों ने वोट न देकर , भारतीय जनता पार्टी की जीत को आसान बना दिया।

कलीमुल हफीज़ ने मुसलमानों को संबोधित करते हुए कहा कि अब हमें अक़्ल आ जानी चाहिए और समझना चाहिए कि भाजपा की जीत-हार में मुसलमानों की कोई भूमिका नहीं है।

कुछ लोग झूठे आंकड़े पेश कर के मजलिस पर आरोप लगा रहे हैं जबकि मजलिस को मिले वोटों की संख्या पांच लाख से भी कम है। बीजेपी को समाजवादी पार्टी से दोगुनी सीटों से भी ज्यादा सीटें मिलीं हैं। और वोटों में एक करोड़ वोट का अंतर है। केवल छ: सीटें ऐसी हैं जहां जहां मजलिस को मिलने वाला वोट हार जीत के अंतर से ज़्यादा हैं। इसका मतलब ये है कि अगर मजलिस नहीं होती तो गठबंधन को 6 और सीटें मिल जातीं।

जब की दूसरी तरफ 100 से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस न होती तो गठबंधन की जीत होती। इसी तरह दर्जनों सीटें ऐसी भी हैं जहां बसपा न होती तो बीजेपी की हार होती।

कलीमुल हफीज़ ने कहा कि देश का संविधान सभी को चुनाव लड़ने की इजाज़त देता है , तो सिर्फ मजलिस की ही आलोचना क्यों की जा रही है , क्या बीजेपी को हराने का ठेका मुसलमानों ने ले रखा हे ?

मजलिस का संदेश यह है कि मुस्लिम, दलित , वंचित और पिछड़ा वर्ग किसी की हार जीत के बजाये अपनी जीत की संभावना पर विचार करें और इसके लिए काम करें । कार्यक्रम में महासचिव शाह आलम सिद्दीकी , संगठन सचिव अब्दुल गफ़र सिद्दीकी , विधानसभा प्रभारी इंतजार प्रधान, डॉ. अनवर व अन्य ने भी सभा को संबोधित किया।

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