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अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लानी चाहिए ताकि वे दुनिया में अपना खोया हुआ स्थान फिर से हासिल कर सकें: प्रफुल्ल पटेल

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक वर्ग की बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने आज यहां कहा कि पार्टी किसी भी कीमत पर अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर समझौता नहीं करेगी और जिसे पाकिस्तान जाना था वह 47 में जा चुका हैं।

साथ ही उनहों ने शिक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने की अपील की, उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लानी चाहिए ताकि वे दुनिया में अपना खोया हुआ स्थान फिर से हासिल कर सकें. उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी ताकत के साथ अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी है. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि किसी को संदेह नहीं होना चाहिए कि हम सेक्युलर और धर्म निरपेक्ष दल नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी बुनियाद में धर्मनिरपेक्षता है. हमें संविधान और कानून की सर्वोच्चता पर पूरा भरोसा है। प्रफुल्ल पटेल ने मुस्लिम, ईसाई, जैन, बौद्ध, सिख, पारसी सहित सभी अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं से अपील की कि वे अपनी क़ौम की समस्याओं को पूरी ताकत से पार्टी के मंच पर उठाएं और पार्टी पूरी ताकत से उनके समाधान के लिये लड़ेगी।

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जो भी प्रताड़ित है, हम उसके पक्ष में आवाज उठाएंगे और उसे कभी निराश नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि हमारे देश का संविधान मजबूत है और बाबा साहब के नेतृत्व में बने इस संविधान में सभी वर्गों की समस्याओं का संपूर्ण समाधान है। यह सभी के अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनके धर्मों के अभ्यास की गारंटी देता है। कोई भी इंसान संविधान से ऊपर नहीं है।

वहीं, एनसीपी के महाराष्ट्र अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सुनील तटकरे ने अपने बयान में कहा कि पार्टी में सभी का स्वागत है और सभी को अपनी बात कहने की आजादी है और पार्टी में सभी की समस्याएं सुनी जाती हैं और उनका समाधान किया जाता है. उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी समाज को निराश नहीं करेगी और संविधान में दी गयी गारंटी को पूरा करने का प्रयास करेगी.

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और माइनॉरिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन सैयद जलालुद्दीन ने पार्टी बैठक में आए सभी नेताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि हम अपने अध्यक्ष अजीत पवार, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे सहित उन सभी लोगों के आभारी हैं जिन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि वे अल्पसंख्यकों की समस्याओं के लिए लड़ेंगे।एडवोकेट सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि भारत एक बहुधार्मिक और बहुभाषी देश है. इसकी जड़ में धर्मनिरपेक्षता और अहिंसा हैं।

उन्होंने कहा कि प्रेम, स्नेह और भाईचारे से ही सांप्रदायिकता से लड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भारत में सूफी संतों ने स्वयं को समाज के लिए उपयोगी बनाया, उसी प्रकार हमें भी स्वयं को समाज के लिए उपयोगी बनाना होगा। उन्होंने अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों से शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में बढ़-चढ़ कर भूमिका निभाने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि हम अल्पसंख्यकों की प्रतिनिधि संगठनों से अपील करेंगे कि वे पार्टी को समाज की समस्याओं से रूबरू कराएं और हम उन्हें पार्टी फोरम पर पूरी ताकत से उठाएंगे और सरकारों के साथ मिलकर उनका समाधान करने का काम करेंगे. इस मौके पर बैठक में देशभर से बड़ी संख्या में पार्टी नेता शामिल हुए।

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