नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। आंदोलन के 15वें दिन कई प्रदर्शनकारी छात्रों को कथित तौर पर जबरन हिरासत में ले लिया गया। छात्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ को दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई इस कार्रवाई में पुलिस के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका भी सामने आई है। छात्र अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, इसी दौरान पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बाद छात्रों के आंदोलन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
छात्रों की प्रमुख मांग जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली है। छात्र चाहते हैं कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए एक निर्वाचित छात्र संघ मिले। उनका आंदोलन इसी मांग को लेकर लगातार जारी है।
आंदोलन के 15वें दिन हुई पुलिस कार्रवाई ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिए जाने की घटना ऐसे समय में हुई है, जब छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हिरासत में लिए गए छात्रों की सटीक संख्या और पुलिस कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जामिया में छात्र संघ की बहाली को लेकर जारी यह आंदोलन अब 15वें दिन में पहुंच गया है। छात्रों की मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से क्या रुख अपनाया गया है और हिरासत में लिए गए छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

