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मीरा रोड की सोसायटी में नवरात्रि आयोजन को लेकर विवाद, मुस्लिम निवासियों ने लगाया भेदभाव का आरोप

मुंबई: महाराष्ट्र के मीरा रोड स्थित पूनम एस्टेट क्लस्टर-1 हाउसिंग सोसायटी में नवरात्रि समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम निवासियों का आरोप है कि सोसायटी की वार्षिक आम सभा (एजीएम) में परिसर के भीतर सभी त्योहार मनाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव बहुमत से पारित होने के बावजूद नवरात्रि का आयोजन किया गया। निवासियों ने इस मामले में भेदभाव, राजनीतिक प्रभाव और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

मकतूब मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सोसायटी की एजीएम में 27 सितंबर 2026 को परिसर के साझा स्थानों पर त्योहार नहीं मनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। हालांकि, निवासियों का कहना है कि इसके बावजूद साझा क्षेत्र में नवरात्रि के लिए मंडप लगाया गया और 11 अक्टूबर से कार्यक्रम शुरू हो गए। आयोजन के लिए काशीमीरा पुलिस स्टेशन से अनुमति ली गई थी। इसके अलावा मीरा-भायंदर महानगरपालिका और अग्निशमन विभाग से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए गए थे।

सोसायटी के निवासी शादाब कुरैशी ने सवाल उठाया कि जब सभी त्योहारों के लिए एक ही नियम तय किया गया है, तो किसी एक त्योहार को मनाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है। वहीं, खुर्शीद खान ने कहा कि सवाल केवल प्रशासन की ओर से अनुमति दिए जाने का नहीं, बल्कि यह भी है कि आयोजन की मंजूरी देते समय सोसायटी के बहुमत से पारित प्रस्ताव पर विचार किया गया था या नहीं।

विवाद के बीच कुछ निवासियों ने नवरात्रि मंडप और सजावट को लेकर अग्नि सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी जताई हैं। उनका आरोप है कि मंडप की छत पर कपड़े की लंबी सजावटी पट्टियां लगाई गईं, जो सोसायटी के बड़े हिस्से तक फैली हुई थीं। निवासियों ने बिजली के तारों और सजावटी लाइटों के पास ज्वलनशील कपड़े लगाए जाने पर सवाल उठाते हुए महानगरपालिका और अग्निशमन अधिकारियों से निरीक्षण की मांग की है। उनका कहना है कि इस संबंध में शिकायतें देने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

यह विवाद इसी साल बकरीद के दौरान सोसायटी में बकरों को रखने की व्यवस्था को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आया है। उस समय भी धार्मिक गतिविधियों और साझा आवासीय परिसर में उनके नियमन को लेकर सवाल उठे थे। अब मुस्लिम निवासियों का कहना है कि यदि सोसायटी में त्योहारों को लेकर नियम बनाए गए हैं, तो उनका पालन सभी समुदायों के लिए समान रूप से होना चाहिए।

निवासियों ने सोसायटी की प्रबंध समिति, काशीमीरा पुलिस, महानगरपालिका और अग्निशमन विभाग से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उनका आरोप है कि धार्मिक आयोजनों के मामले में समान नियम लागू नहीं किए जा रहे और राजनीतिक प्रभाव के कारण कुछ लोगों को विशेष छूट मिल रही है। हालांकि, ये आरोप निवासियों के बयान पर आधारित हैं और प्रशासन का पक्ष इस रिपोर्ट में सामने नहीं आया है।

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