कोलकाता: पश्चिम बंगाल के जादवपुर विश्वविद्यालय में दीवारों पर लिखे गए कुछ नारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय परिसर में ‘फ्री फिलिस्तीन’, ‘फिलिस्तीन के लिए स्वतंत्रता’ और ‘लाल रंग से फासीवाद को तोड़ो’ जैसे नारे लिखे होने का दावा किया गया है। इन भित्तिचित्रों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जांच के निर्देश दिए हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें विश्वविद्यालय के कला विभाग के छात्रों के छात्रावास परिसर की दीवारों पर कथित तौर पर ये नारे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में ‘महिलाएं आधी दुनिया संभालती हैं’ और ‘सीपीआई (माओवादी) जिंदाबाद’ जैसे नारे भी दिखाई देने का दावा किया गया है।
अधिकारी ने इन भित्तिचित्रों को “आपत्तिजनक, समाज विरोधी, हिंसक और राष्ट्र विरोधी” बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और अन्य अधिकारियों से तत्काल जांच कराने तथा परिसर में भित्तिचित्रों की मौजूदगी का भौतिक सत्यापन करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि अगर जांच में ये भित्तिचित्र पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। अधिकारी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान सीखने, अकादमिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के केंद्र होने चाहिए और उनका इस्तेमाल “भारत विरोधी भावना” फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब जादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई समर्थकों के बीच हुई झड़पों के बाद तनाव बना हुआ है। वामपंथी छात्रों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल के समर्थन से आए लोगों ने उन पर हमला किया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच स्थिति को सामान्य करने को लेकर बातचीत अभी जारी है।
सुवेंदु अधिकारी पहले भी जादवपुर विश्वविद्यालय में झड़पों के बाद परिसर के अंदर और बाहर “राष्ट्रवाद” को मजबूत करने की बात कह चुके हैं। वहीं, मौजूदा विवाद ने विश्वविद्यालय परिसर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक विचारों और कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

